भीलवाड़ा। पुष्टिमार्गीय श्री आनंदधाम हवेली मंदिर में अधिकमास उत्सव के पावन अवसर पर रविवार को भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित 'नंदोत्सव' ने मंदिर परिसर को ब्रज की अलौकिक आभा से सराबोर कर दिया। बैंड-बाजों की मधुर ध्वनियों और भक्तिमय भजनों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।

समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में तृतीय गृह पीठाधीश्वर कांकरोली नरेश 108 डॉ. वागीश कुमार जी महाराज (श्री द्वारकाधीश मन्दिर, कांकरोली) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाराजश्री ने वैष्णवों को पवित्र ब्रह्म संबंध दीक्षा प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने दीक्षा मंत्र की महिमा का बखान करते हुए पुष्टिमार्ग में इस दीक्षा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भक्तों को ठाकुरजी की नि:स्वार्थ सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।


मंदिर ट्रस्टी सुमन राजेंद्र बाहेती ने जानकारी दी कि सुबह 10:30 बजे राजभोग दर्शन के दौरान हवेली में नंदोत्सव का मुख्य आयोजन संपन्न हुआ। महाराजश्री ने स्वयं पालने में विराजित लालन को झुलाकर उन्हें लाड़ लडाए। इस आनंदमयी क्षण में भक्तों के बीच बधाइयाँ और प्रसाद का वितरण किया गया।

भक्ति संगीत के रस में डूबी भजन गायिका युक्ति ओझा ने एक के बाद एक भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को कृष्णमय बना दिया। 'नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की', 'ब्रज में हो रही जय जयकार' और 'लाला जनम सुन आई यशोदा मैया दे दे बधाई' जैसे भजनों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आध्यात्मिक उत्सव के दौरान मंदिर ट्रस्टी सुमन राजेंद्र बाहेती ने महाराजश्री की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आकर्षक साज-सज्जा से सुसज्जित मंदिर परिसर में आयोजित यह नंदोत्सव भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनकर रहा, जिसने आस्था और भक्ति की अनूठी मिसाल पेश की।

Pratahkal Newsroom

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