भीलवाड़ा के आनंदधाम में 30 जुलाई से शुरू होगा सावन हिंडोला महोत्सव, चांदी-मोतियों के झूलों में विराजेंगे ठाकुरजी
भीलवाड़ा के पुष्टिमार्गीय श्री आनंदधाम हवेली मंदिर में 30 जुलाई से 31 अगस्त तक सावन हिंडोला महोत्सव आयोजित होगा। चांदी, मोतियों, फूलों, मखमल और अन्य विशेष हिंडोलों में ठाकुरजी के दर्शन होंगे। जानिए किस दिन कौन-सा हिंडोला और घटा सजाई जाएगी।

तस्वीर में भीलवाड़ा के श्री आनंदधाम हवेली मंदिर में सावन महोत्सव के तहत सजे हुए ठाकुरजी के दर्शन और विशेष सजावट दिखाई दे रही है।
भीलवाड़ा के पुष्टिमार्गीय श्री आनंदधाम हवेली मंदिर में श्रावण मास के दौरान ठाकुरजी के लिए प्रसिद्ध हिंडोला और झूला मनोरथों का आयोजन 30 जुलाई से शुरू होगा। एक माह तक चलने वाले इस सावन महोत्सव का समापन 31 अगस्त को हिंडोला विजय के साथ होगा। मंदिर में उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
मंदिर ट्रस्टी सुमन राजेंद्र बाहेती ने बताया कि पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ श्री द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली के पीठाधीश्वर डॉ. वागीशकुमार महाराज की आज्ञानुसार प्रतिदिन प्रभु श्रीनाथजी, श्री द्वारकाधीश व लालन का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान ठाकुरजी को अलग-अलग प्रकार के विशेष, कलात्मक और बहुमूल्य हिंडोलों में झुलाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को विविध स्वरूपों के अलौकिक दर्शन प्राप्त होंगे।
उन्होंने बताया कि पुष्टिमार्ग में श्रावण मास के दौरान ठाकुरजी को गर्मी से राहत और शीतलता प्रदान करने के भाव से हिंडोला उत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर विविध प्रकार के कपड़ों, फूलों, रत्नों और धातुओं से बने झूलों में प्रभु को विराजमान किया जाता है। जब पूरे मंदिर परिसर, वस्त्रों और साज-सज्जा को एक ही रंग के भाव में सजाया जाता है, तो उसे घटा कहा जाता है। यह प्रकृति के विभिन्न स्वरूपों और बादलों का प्रतीक माना जाता है। एक माह तक चलने वाले इस उत्सव को लेकर भीलवाड़ा के भक्तों में खासा उत्साह है।
उत्सव के तहत 31 जुलाई को सुरंग का हिंडोला, 1 अगस्त को चांदी का, 2 अगस्त को सफेद मखमल, 3 अगस्त को जरदौजी, 4 अगस्त को लाल घटा में जरदौजी का, 5 अगस्त को केसरी घटा में केसरी, 6 अगस्त को पचरंगी लहरिया का, 7 अगस्त को कांच का, 8 अगस्त को बंगला के साथ लाल मोतियों का, 9 अगस्त को मचकी का तथा 10 अगस्त को सप्त रंगी साज का हिंडोला सजाया जाएगा।
इसके बाद 11 अगस्त को हरिघटा में हरा, 12 अगस्त को रंग-बिरंगे पुष्पों का, 13 अगस्त को सब्जियों का, 14 अगस्त को यमुना घाट पर चूंदड़ी का, 15 अगस्त को पानी का, 16 अगस्त को श्याम घटा में श्याम का, 17 अगस्त को आसमानी घटा का, 18 अगस्त को सुनहरी घटा में सुनहरी, 19 अगस्त को गुलाबी घटा में गुलाबी, 20 अगस्त को बगीचे में मोर पंख का, 21 अगस्त को बगीचे में कमल का, 22 व 23 अगस्त को सूखे मेवे का, 24 अगस्त को पवित्रा का, 25 अगस्त को फलों का, 26 अगस्त को मचकी का, 27 अगस्त को शरद रास में तीन हिंदौरा, 28 अगस्त को राखी, 29 अगस्त को सावन भादो का और 30 अगस्त को किकोड़ा का हिंडोला सजाया जाएगा। 31 अगस्त को हिंडोला विजय के साथ एक माह तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव का समापन होगा।

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