भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में भारत रत्न डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। जिला स्तरीय आयोजन के तहत अम्बेडकर विचार मंच के तत्वावधान में आयोजित भव्य रैली और विशाल आमसभा में हजारों की संख्या में उमड़े अनुयायियों ने बाबा साहेब के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। यह आयोजन न केवल संख्यात्मक दृष्टि से विशाल था, बल्कि वैचारिक रूप से भी समाज की एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा।

कार्यक्रम का आगाज दोपहर 4 बजे सांगानेरी गेट स्थित झलकारी बाई सर्किल से हुआ, जहाँ अम्बेडकर विचार मंच के अध्यक्ष प्यारेलाल खोईवाल के नेतृत्व में विशाल रैली रवाना हुई। यह रैली शहर के प्रमुख व्यापारिक और ऐतिहासिक मार्गों, यथा धानमंडी, बड़ा मंदिर, महाराणा टॉकीज, सूचना केंद्र, गोल प्याऊ चौराहा और सरकारी दरवाजा से गौरवमयी ढंग से गुजरी। रैली का अंतिम पड़ाव डॉ. अम्बेडकर सर्किल रहा, जहाँ उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात यह विशाल रैली एक गरिमामयी आमसभा में परिवर्तित हो गई।

आयोजन की भव्यता का विवरण देते हुए मोतीलाल सिंघानिया ने बताया कि रैली का दृश्य अत्यंत विहंगम और मनोहारी था। जुलूस में पारंपरिक घोड़ा-गाड़ी, सजी-धजी बग्गियाँ और मधुर स्वर लहरियाँ बिखेरता मसक बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न झांकियों ने बाबा साहेब के जीवन दर्शन को जीवंत कर दिया। भीलवाड़ा शहर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों अनुयाई हाथों में नीले झंडे थामे, गगनभेदी जयकारे लगाते हुए और नाचते-गाते हर्षोल्लास के साथ चल रहे थे।

मंच के पदाधिकारी पंकज डीडवानिया ने कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस उत्सव में जिले भर के बुद्धिजीवी, ऊर्जावान युवा, महिलाएं, कर्मठ मजदूर, किसान, सरकारी कर्मचारी और उच्चाधिकारी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। हीरालाल बैरवा के अनुसार, रैली मार्ग में जगह-जगह जन प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर तथा साफा एवं माला पहनाकर नेतृत्वकर्ताओं का आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान सभी उपस्थित जनों ने एकजुट होकर बाबा साहेब के संवैधानिक विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और शोषितों की आवाज बुलंद करने का दृढ़ संकल्प लिया।

इस ऐतिहासिक गरिमामयी कार्यक्रम में मोतीलाल सिंघानिया, पंकज डीडवानिया, हीरालाल बैरवा, रामेश्वर बैरवा, शैलेंद्र डीडवानिया, नाथूलाल डीडवानिया, अनीता पहाड़िया, एडवोकेट दिनेश खटीक, एडवोकेट सुशीला बेरवा, जगदीश खटीक, लालाराम रेगर, सुभाष खोईवाल, एडवोकेट श्याम मल्होत्रा, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शंभूलाल धोबी, रोहित मेहरा, रेखा डिडवानिया, विनोद बुलीवाल, गोपाल नोगिया, राजू धोबी, अनु धोबी, लखन खटीक, संदीप खोईवाल, दीपक, रामनिवास रोनी, नेतराम, सुरेश चंदेरिया, बबलू रेगर, रामस्वरूप मारु और दुदा राम सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी आगंतुकों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया, जिसने भीलवाड़ा के सामाजिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

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