भीलवाड़ा: ऐजी हत्याकांड के आरोपियों से लूटी गई चांदी की कड़ियां और ईंट बरामद
करेड़ा पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर 400 ग्राम चांदी, खून से सने कपड़े और वारदात में प्रयुक्त ईंट जब्त की; मंगलवार को कोर्ट में होगी पेशी।

भीलवाड़ा। मानवता को शर्मसार कर देने वाले करेड़ा के बहुचर्चित 'ऐजी हत्याकांड' में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य और लूटी गई सामग्री बरामद कर ली है। चांदी की कड़ियों के लालच में एक बेसहारा बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या करने वाले तीनों आरोपित वर्तमान में पुलिस रिमांड पर हैं, जिनकी निशानदेही पर जांच टीम ने कत्ल में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
थाना प्रभारी पूरणमल मीणा ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि जघन्य हत्याकांड की यह वारदात बीते 17 अप्रैल को घटित हुई थी। शिवपुर-बटेरी मार्ग पर स्थित खेत के एक कमरे में अकेली रह रही ऐजी देवी को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया था। आरोपितों ने चांदी की कड़ियां लूटने के उद्देश्य से वृद्धा की निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने हेतु शव को बकरियां बांधने वाले बाड़े में फेंक दिया था। पुलिस ने इस चुनौतीपूर्ण 'ब्लाइंड मर्डर' की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपित बटेरी निवासी भगवान सिंह (28), बंबोला निवासी रमेश भील (25) और गहने बिकवाने में सहयोगी रहे महावीर सिंह (22) को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था।
रिमांड के दौरान हुई सघन पूछताछ में आरोपितों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए उन स्थानों की जानकारी दी जहां उन्होंने लूट का माल और सबूत छिपाए थे। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर मृतका के पैरों से लूटी गई लगभग चार सौ ग्राम वजन की चांदी की कड़ियां बरामद कर ली हैं। इसके साथ ही वारदात के समय आरोपित भगवान और रमेश द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े और वह घातक ईंट भी बरामद की गई है, जिससे सिर पर वार कर ऐजी देवी की हत्या की गई थी। जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि पुलिस ने आरोपित भगवान सिंह का वह कड़ा भी जब्त किया है, जिसका उपयोग उसने मृतका के पैरों से जबरन कड़ियां निकालने के लिए किया था।
पुलिस अनुसंधान में यह भी खुलासा हुआ है कि कत्ल के पश्चात आरोपितों ने इन कड़ियों को 'बालाजी गोल्ड' नामक दुकान पर बेचने का प्रयास किया था। प्रारंभिक तौर पर व्यापारी ने संदिग्ध आभूषण खरीदने से इनकार कर दिया था, किंतु बाद में एक परिचित रतन भील की गारंटी मिलने पर व्यापारी ने कड़ियां 55 हजार रुपये में खरीद ली थीं। पुलिस प्रशासन इस मामले की बारीकी से जांच कर रहा है और रिमांड अवधि समाप्त होने पर मंगलवार को तीनों आरोपितों को पुनः न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस बरामदगी के बाद पुलिस का पक्ष न्यायालय में और अधिक मजबूत हो गया है, जिससे दोषियों को कठोरतम सजा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

