भीलवाड़ा के खाद-बीज विक्रेता 27 अप्रैल को रखेंगे सांकेतिक हड़ताल
महाराष्ट्र के आंदोलन के समर्थन और विभागीय जटिलताओं के विरोध में जिले भर के निजी उर्वरक प्रतिष्ठान एक दिन के लिए बंद रहेंगे।

भीलवाड़ा में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की रूपरेखा तैयार करने के लिए आयोजित बैठक में उपस्थित अध्यक्ष शांतिलाल पालीवाल और अन्य पदाधिकारी।
राजस्थान एग्रीकल्चरल इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर, महाराष्ट्र संगठन द्वारा शुरू की गई बेमियादी हड़ताल के समर्थन में भीलवाड़ा जिले के खाद-बीज विक्रेताओं ने 27 अप्रैल (सोमवार) को एक दिवसीय सांकेतिक बंद का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत जिले भर के सभी खाद-बीज विक्रेता अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर देशव्यापी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराएंगे।
जिला संगठन के अध्यक्ष शांतिलाल पालीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह हड़ताल खाद-बीज विक्रेताओं और किसानों से जुड़ी प्रमुख विभागीय समस्याओं के विरोध में आयोजित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलताओं के कारण व्यापारियों और किसानों दोनों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन द्वारा इन नियमों के सरलीकरण और व्यावहारिक बदलाव की मांग उठाई जा रही है।
हड़ताल के तहत भीलवाड़ा जिले की समस्त तहसील इकाइयों के खाद-बीज प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। संगठन के उपाध्यक्ष नरेंद्र काबरा और राजेंद्र भाटी ने सभी जिला डीलरों से 27 अप्रैल को स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
इस अवसर पर संगठन के कोषाध्यक्ष कौशल श्रीमाल, सचिव सुभाष चंद्र कटारिया, शांतिलाल शर्मा, गोवर्धन पाराशर, मुरलीधर सैनी, मीडिया प्रभारी योगेश गहलोत, मुजफ्फर सहित जिले के अन्य विक्रेता उपस्थित रहे। यह हड़ताल न केवल व्यापारिक असंतोष को दर्शाती है, बल्कि किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यापक स्तर पर उठती आवाज का संकेत भी देती है।

Pratahkal Bureau
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