आचार्य पुलकसागर महाराज बोले- कर्म ही तय करेंगे हमारी गति, कषाय त्याग से मोक्ष का मार्ग
भीलवाड़ा में आचार्य पुलकसागर महाराज ने कर्म, कषाय और मोक्ष के मार्ग पर धर्म संदेश दिया। सूर्यमहल में चातुर्मास साधना जारी है और 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में ज्ञान गंगा महोत्सव आयोजित होगा।

तस्वीर में भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आचार्य पुलकसागर महाराज श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए नजर आ रहे हैं।
भीलवाड़ा, 10 अगस्त। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में चातुर्मास की धर्म साधना निरंतर जारी है। प्रतिदिन गुरु दर्शन एवं धर्म संदेश श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
आचार्य पुलकसागरजी महाराज ने सोमवार सुबह सूर्यमहल में धर्म संदेश प्रदान करते हुए कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें मानव भव प्राप्त हुआ है। हम कामना तो मोक्ष पाने की करते हैं, लेकिन स्वयं को कषायों से मुक्त नहीं कर पाते हैं। जब तक मोह, माया, राग, द्वेष जैसे कषायों का त्याग नहीं करेंगे, हमारी गति नहीं सुधर सकती है। हमारे कर्म ही हमारी गति तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य से भटक जाने के कारण मनुष्य दुर्लभ मानव भव को भी सार्थक नहीं कर पाता है। मोह का आवरण आत्मा से हट जाए तो व्यक्ति आत्म कल्याण कर सकता है। मन, वचन और काया तीनों की शुद्धि होने पर हमारी आत्मा कर्मों से हल्की होगी। कर्म खपाने पर ही हमारी आत्मा को भव भ्रमण समाप्त कर मुक्ति का मार्ग मिलेगा।
आचार्यश्री ने कहा कि हमें चिंतन करना चाहिए कि हम जो कर्म कर रहे हैं, वह हमें कौनसी गति में ले जाने वाले हैं। कर्म के आधार पर चार गति नरक, तिर्यंच, मनुष्य और देव गति मिलती हैं। जब तक कर्म क्षय नहीं होंगे, भव भ्रमण समाप्त नहीं हो सकता।
श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य संपतराज, राजकुमारी, सन्मति एवं पूजा कासलीवाल परिवार ने प्राप्त किया।
चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि सूर्यमहल में आचार्यश्री के सानिध्य में 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन होंगे।
आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले ज्ञान गंगा महोत्सव का आगाज स्वाधीनता दिवस पर जश्ने आजादी के रूप में दोपहर 2 बजे होगा। इस अवसर पर आचार्य पुलकसागर महाराज भीलवाड़ावासियों को राष्ट्र भक्ति का संदेश देंगे।
समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण चित्रकूटधाम में 15 से 30 अगस्त तक सर्व समाज के लिए आयोजित होने वाला ज्ञान गंगा महोत्सव है, जिसके लिए व्यापक तैयारियां जारी हैं। इस महोत्सव में भीलवाड़ा के साथ राजस्थान व देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारबिंद से प्रवचन सुनने उमड़ेंगे। महोत्सव के तहत 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस, 19 अगस्त को मोक्ष सप्तमी एवं 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर विशेष आयोजन होंगे। चातुर्मास के दौरान आचार्यश्री के धर्म संदेश, प्रवचन और आगामी ज्ञान गंगा महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक आयोजन बने हुए हैं।

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