भीलवाड़ा | राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज एक और बड़ी कार्रवाई की है। भीलवाड़ा जिले की अंटाली तहसील में भ्रष्टाचार का ऐसा खेल चल रहा था, जहाँ ज़मीन की लीज डीड के रजिस्ट्रेशन के बदले खुलेआम 'रेट कार्ड' फिक्स कर दिया गया था।

60,000 की रिश्वत, दराज में 'पाप' की कमाई

एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर अजमेर इंटेलिजेंस यूनिट ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए ई-मित्र संचालक हेमराज खटीक को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत राशि तहसीलदार गणेश कच्छावा और अन्य अधिकारियों के लिए ली जा रही थी। जैसे ही ई-मित्र संचालक ने परिवादी से नोट लेकर अपनी टेबल की दराज में सरकाए, पहले से मुस्तैद एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया।

एसी की डिमांड और 'प्रति बीघा' कमीशन का खेल

एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, भ्रष्टाचार का यह तरीका बेहद चौंकाने वाला था। परिवादी ने जब अपनी फर्म की जमीन (ग्राम जवानपुरा) की लीज डीड रजिस्टर करवानी चाही, तो बिचौलिए बने ई-मित्र संचालक ने सीधे शब्दों में सौदा तय किया— "साहब के लिए एक एयर कंडीशनर (AC) की डिमांड ओर 10,000 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से नकद कमीशन।" बिना रिश्वत के काम लटकाने की धमकी देकर परिवादी को मजबूर किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलते ही एसीबी ने जाल बिछाया।

अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में फिलहाल तहसीलदार गणेश कच्छावा और अन्य संदिग्धों की भूमिका की सघन जाँच की जा रही है।

Pratahkal Bureau

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