‘आजादी के रंग, तिरंगे के संग’ कला प्रदर्शनी का भव्य समापन, देशभक्ति के रंगों से सजीं कलाकृतियां
भीलवाड़ा में “आजादी के रंग, तिरंगे के संग” कला प्रदर्शनी का समापन, कलाकारों ने चित्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को उकेरा।

भीलवाड़ा में आकृति कला संस्थान द्वारा आयोजित “आजादी के रंग, तिरंगे के संग” कला प्रदर्शनी एवं चित्रकार शिविर का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में हुआ। राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रप्रेम और तिरंगे की भावना को कला के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कलाकारों ने अपनी-अपनी कलात्मक शैलियों में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत चित्रों का सृजन किया। कलाकृतियों में तिरंगे के तीन रंगों के साथ राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता तथा देश के प्रति सम्मान की भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।
आकृति कला संस्थान द्वारा आयोजित इस कला आयोजन का मुख्य उद्देश्य कला के माध्यम से देशभक्ति की भावना को मजबूत करना तथा नई पीढ़ी को राष्ट्र की गौरवशाली विरासत से जोड़ना रहा। चित्रकारों ने अपने सृजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा करने का सशक्त माध्यम भी है।
समापन अवसर पर आमंत्रित अतिथि विवेकानंद केंद्र के भगवान सिंह चौहान एवं कैलाश जीनगर ने सहभागी सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा गया कि उनके द्वारा देशभक्ति की भावना को अपनी कला में अभिव्यक्त करना सराहनीय एवं प्रेरणादायी प्रयास है।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आजादी के अमृत भाव को कला के माध्यम से समाज तक पहुंचाना कलाकारों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। तिरंगा केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, त्याग, शांति, साहस और गौरव का प्रतीक है। ऐसे कला आयोजनों के माध्यम से इन भावनाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों, कला-प्रेमियों, सहयोगियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब राष्ट्रप्रेम और कला का संगम होता है, तो सृजन समाज में सकारात्मक चेतना और देशभक्ति की नई ऊर्जा का संचार करता है। आकृति कला संस्थान का यह आयोजन कला, संस्कृति और राष्ट्रभावना के समन्वय की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी पहल रहा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
