भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शक्करगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत जोजर गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां समाज में बदनामी के डर और निरंतर मिल रही मानसिक प्रताड़ना ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। लोक-लाज और प्रताड़ना के जाल में फंसी एक विवाहिता ने अंततः हार मानकर मौत का रास्ता चुन लिया। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बढ़ते मानसिक उत्पीड़न और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जोजर निवासी मांगीलाल बलाई की पत्नी लालीबाई पिछले कई महीनों से एक मानसिक युद्ध लड़ रही थी। पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, गांव की ही एक महिला धापू उसे लगातार बदनाम करने की साजिश रच रही थी। मृतका के पति ने आरोप लगाया कि धापू द्वारा लालीबाई को चरित्रहीन सिद्ध करने और समाज में नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि, इस विवाद को सुलझाने के लिए गांव के स्तर पर कई बार पंचायतें बुलाई गईं और समझाइश के दौर भी चले, लेकिन धापू के इरादे नहीं बदले और उत्पीड़न का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।

विवाद का चरम बिंदु 9 जनवरी को तब आया जब नामजद आरोपी महिला धापू ने लालीबाई को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की तीखी धमकी दी। इस धमकी ने लालीबाई के आत्मसम्मान को इतनी गहरी चोट पहुंचाई कि वह गहरे मानसिक अवसाद में चली गई। उसी शाम, जब घर के अन्य सदस्य अपने कार्यों में व्यस्त थे, लालीबाई ने अपने ही घर के भीतर फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। पत्नी के इस आत्मघाती कदम से स्तब्ध मांगीलाल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और धापू को अपनी पत्नी की मौत का मुख्य जिम्मेदार ठहराते हुए नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।

दुखद पहलू यह भी रहा कि मृत्यु के पश्चात भी परिजनों को व्यवस्थाओं की मार झेलनी पड़ी। शुक्रवार देर रात जब शव को पोस्टमार्टम के लिए शक्करगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, तो वहां स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता उजागर हुई। वार्ड बॉय की अनुपलब्धता के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया लगभग 6 घंटे तक ठप रही। कड़ाके की ठंड में परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में अधिकारियों की राह ताकते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि शक्करगढ़ सीएचसी में स्टाफ की भारी कमी है, जिसके बारे में बार-बार सूचित करने के बाद भी प्रशासन मौन साधे हुए है। फिलहाल, शक्करगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है और आरोपी महिला की भूमिका की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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