भीलवाड़ा जिले में साइबर अपराधी अब डिजिटल दुनिया की आड़ में आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए टेलीग्राम और सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं, लेकिन जिला पुलिस की मुस्तैदी ने ऐसे ही एक बड़े गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। भीलवाड़ा पुलिस की जिला साइबर विंग और शाहपुरा थाना पुलिस ने एक संयुक्त और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम देते हुए टेलीग्राम आधारित इन्वेस्टमेंट स्कैम का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर ठगी की रकम को बैंक से निकालते समय तीन शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने हाई रिटर्न का लालच देकर लाखों रुपए की चपत लगाई थी।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब महेश नगर कांकरोली, हाल शाहपुरा भीलवाड़ा निवासी अभिषेक सोमाणी ने शाहपुरा थाने में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई। अभिषेक ने पुलिस को बताया कि टेलीग्राम ग्रुप के जरिए इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर उनके भाई आशीष सोमाणी के साथ साइबर ठगी की गई है। ठगों ने बेहद शातिराना तरीका अपनाते हुए पहले यूट्यूब सब्सक्रिप्शन, गूगल रिव्यू और 'मनी टास्क' के नाम पर छोटे-छोटे टास्क दिए और बदले में छोटी रकम लौटाकर आशीष का विश्वास जीत लिया। एक बार भरोसा कायम होने के बाद, आरोपियों ने हाई रिटर्न का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से कुल 4 लाख 29 हजार रुपए की ठगी कर ली।

मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और संबंधित बैंक खातों से तुरंत 2 लाख 80 हजार रुपए की राशि फ्रीज करवा दी। जिला साइबर टीम को तकनीकी सर्विलांस से सटीक सूचना मिली कि आरोपी ठगी गई रकम निकालने के लिए बैंक आने वाले हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और बैंक से नकदी निकालते समय तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त 3 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड और 7 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं, जो इस गिरोह के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान बलवीर सिंह राणावत (22) पुत्र उकार सिंह राणावत निवासी जित्या खेड़ी, बलवीर सिंह खंगारोत (35) पुत्र सज्जन सिंह खंगारोत निवासी मेवदा और दिग्विजय सिंह (24) पुत्र नारायण सिंह चुण्डावत निवासी खेमाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है और अब गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश के साथ-साथ शेष राशि की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में जिला साइबर टीम के विशम्भर दयाल, समरथ आचार्य (जिनका विशेष योगदान रहा), जितेन्द्र कुमार और छोटू रेबारी शामिल थे। वहीं, शाहपुरा थाने की टीम का नेतृत्व थानाधिकारी सुरेश कुमार ने किया, जिसमें उनके साथ महेंद्र सिंह और अरविन्द सिंह ने अहम भूमिका निभाई। भीलवाड़ा पुलिस ने इस घटना के बाद आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या टेलीग्राम पर गारंटीड हाई रिटर्न के दावों से सावधान रहें और किसी भी अनजान लिंक, ऐप या यूट्यूब लाइक टास्क के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई किसी को ट्रांसफर न करें।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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