भीलवाड़ा। विकास की दास्तानों के बीच शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र की एक सड़क आज भी बदहाली और उपेक्षा का जीवंत उदाहरण बनी हुई है। लांबिया स्टेशन से मेघरास और उपरेड़ा होते हुए शाहपुरा तक जाने वाला लगभग 35 किलोमीटर का यह मार्ग, जो हजारों जिंदगियों की जीवनरेखा होना चाहिए था, आज अपनी संकीर्णता के कारण 'हादसों के गलियारे' में तब्दील हो चुका है। प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों के दबाव और सड़क की बेहद कम चौड़ाई ने स्थानीय निवासियों के सफर को जोखिम भरा बना दिया है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ रही है।

इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी (उपरेड़ा) ने क्षेत्र की पीड़ा को स्वर देते हुए बताया कि लांबिया स्टेशन से शाहपुरा तक के इस मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित कर चौड़ीकरण कराने की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले 15 वर्षों से ग्रामीण इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस मांग की गूंज ग्राम पंचायतों से लेकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच चुकी है। क्षेत्रवासियों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए विधायक शाहपुरा-बनेड़ा, सांसद भीलवाड़ा, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, मुख्य अभियंता जयपुर, जिला कलेक्टर, सार्वजनिक निर्माण मंत्री, वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल से लेकर प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति तक हजारों की संख्या में पत्र भेजकर गुहार लगाई है।

तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। मुबारक मंसूरी के अनुसार, 181 हेल्पलाइन, जिला कलेक्टर की मासिक जनसुनवाई, जनसंपर्क पोर्टल, सीएम पोर्टल और प्रधानमंत्री सड़क एप पर सैकड़ों शिकायतें दर्ज होने के बावजूद, फाइलों में दबी स्वीकृति अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। गौरतलब है कि दो वर्ष पूर्व इस मार्ग को 417 नंबर एमडीआर (मुख्य जिला सड़क) घोषित किया गया था, लेकिन यह कदम भी जनता को राहत दिलाने में नाकाफी साबित हुआ है।

इस मार्ग का महत्व सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सड़क दर्जनों गांवों को शाहपुरा विधानसभा मुख्यालय से जोड़ती है और रायला की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले हजारों मजदूरों के आवागमन का एकमात्र सीधा जरिया है। शाहपुरा में स्थित डीटीओ कार्यालय, जलदाय विभाग का अधिशासी अभियंता कार्यालय और कृषि मंडी होने के कारण यहाँ यातायात का दबाव निरंतर बना रहता है। यदि इस मार्ग को स्टेट हाईवे का दर्जा मिलता है, तो शाहपुरा सीधे करेड़ा, देवगढ़ और राजसमंद से जुड़ जाएगा, जिससे देवगढ़ के मार्बल व्यवसाय और नेशनल हाईवे-48 को एक नया आर्थिक कॉरिडोर मिलेगा।

सड़क की वर्तमान स्थिति इतनी जर्जर और संकरी है कि आपातकालीन सेवाएं भी असहाय नजर आती हैं। संकरा मार्ग होने के कारण 108 एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है। रात के समय यह मार्ग किसी दुःस्वप्न से कम नहीं होता। अब क्षेत्र की पूरी उम्मीदें आगामी बजट सत्र 2026-27 पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने राज्य सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस बार वित्तीय स्वीकृति जारी कर इस 35 किलोमीटर लंबे मार्ग को स्टेट हाईवे का रूप दिया जाए, ताकि वर्षों से जारी हादसों के इस सिलसिले पर विराम लग सके और विकास की मुख्यधारा से यह क्षेत्र जुड़ सके।

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Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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