बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने शहर की बालाजी खेड़ा कच्ची बस्ती में बड़ा हादसा होते-होते टाल दिया, लेकिन पीछे एक दर्दनाक घटना छोड़ गया। तेज हवाओं के चलते एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे भारी पत्थर नीचे आ गिरे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के समय परिवार के सदस्य घर के बाहर खाना खा रहे थे, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई। हालांकि इस हादसे में 7 वर्षीय एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त घर के भीतर मौजूद एक महिला ने बताया कि अचानक दीवारों में कंपन महसूस हुआ, जिसके बाद वह अपनी बच्ची के साथ तुरंत बाहर निकल आई। कुछ ही क्षणों बाद पूरा ढांचा गिर गया। परिवार के अनुसार, यदि समय रहते बाहर न निकला जाता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब एक महीने के भीतर कॉलोनी में यह दूसरा बड़ा हादसा है, इससे पहले भी एक घर की दीवार गिर चुकी है। लोगों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक मौके का निरीक्षण नहीं किया है।

कच्ची बस्ती के निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही खतरा और बढ़ गया है और वे लगातार डर के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। लंबे समय से यहां के लोग जमीन के पट्टों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया जा रहा है।

इस घटना ने एक बार फिर कच्ची बस्तियों की जर्जर स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां मामूली मौसमीय बदलाव भी जानलेवा साबित हो रहा है।

Pratahkal Bureau

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