गंगापुर, भीलवाड़ा। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार महिला अधिकारिता विभाग, भीलवाड़ा द्वारा संचालित "भलो भीलवाड़ा, बाल विवाह छोड़ो" अभियान के तहत सहाड़ा ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए बाल विवाह नहीं करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई।

महिला पर्यवेक्षक ऊषा बैरवा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत सहाड़ा ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 3000 से अधिक बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी विद्यार्थियों ने बाल विवाह का विरोध करने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के भविष्य, स्वास्थ्य और शिक्षा पर गंभीर प्रभाव डालता है। साथ ही यह भी बताया गया कि बालिकाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना समाज तथा राष्ट्र के विकास का आधार है।

महिला अधिकारिता विभाग की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे अपने परिवार और आसपास बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों, महिला अधिकारिता विभाग, पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर बाल विवाह को रोका जा सके।

अभियान का उद्देश्य समाज में बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा बाल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। विभाग ने विश्वास जताया कि जनसहभागिता के माध्यम से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

Pratahkal Newsroom

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