भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में अपराध जगत की एक ऐसी गुत्थी सुलझी है जिसने पुलिस प्रशासन और आमजन के होश उड़ा दिए हैं। गुलाबपुरा थाना पुलिस ने एक ऐसी शातिर अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो लग्जरी कारों के शीशे तोड़कर पलक झपकते ही कीमती सामान पर हाथ साफ कर देती थी। इस गैंग की दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने देश की रक्षा में तैनात भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल को भी अपना निशाना बनाने से गुरेज नहीं किया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत 6 नवंबर को हुई, जब जयपुर से उदयपुर तबादले पर जा रहे सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल शांतनु झारखंडी अपनी लग्जरी कार से सफर कर रहे थे। गुलाबपुरा थाना क्षेत्र स्थित चौपाल होटल पर जब वे भोजन के लिए रुके, तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने कुछ ही मिनटों में कार का शीशा चकनाचूर कर दिया और भीतर रखी महंगी घड़ी, जेवरात और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। देश के एक उच्चाधिकारी के साथ हुई इस लूट ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने तुरंत मोर्चा संभाला।

एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव के कड़े निर्देशों पर गुलाबपुरा थाना प्रभारी संजय गुर्जर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर गोवर्धन लाल सहित अन्य जांबाज पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण और मुखबिरों के जाल के जरिए अपराधियों का पीछा शुरू किया। पुलिस की इस मुस्तैदी का परिणाम तब मिला जब हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले उपेंद्र पुत्र हरीकिशन सांसी को दबोच लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उपेंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उसने चोरी के गहने भिवानी जिले के मुण्ढाल खुर्द निवासी 44 वर्षीय वीरेंद्र उर्फ बलवान को दिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

पूछताछ के दौरान इस गैंग के कारनामों की जो परतें खुलीं, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। अभियुक्त उपेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने न केवल लेफ्टिनेंट कर्नल की कार में चोरी की, बल्कि हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्रीन प्लाजा होटल के बाहर खड़ी गाड़ियों में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। गैंग ने भीलवाड़ा में दो और पाली जिले में एक बड़ी वारदात सहित कुल तीन प्रमुख चोरियों की बात कबूल ली है। पुलिस को प्रबल आशंका है कि इस गिरोह ने राजस्थान के कई अन्य जिलों में भी बड़ी वारदातों को अंजाम दिया होगा, जिसके लिए फिलहाल माल बरामदगी और गहन पूछताछ का दौर जारी है।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने इस सफल ऑपरेशन पर संतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और चोरी की गई संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाती है, बल्कि अंतरराज्यीय अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है कि राजस्थान की सीमा में दाखिल होने वाले हर गुनहगार का अंत सलाखों के पीछे ही होगा।

Pratahkal Newsroom

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