भीलवाड़ा। जिले के शंभूगढ़ थाना क्षेत्र के अण्टाली गांव में रहने वाली मनीषा भाटी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी व न्याय की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि 19 अक्टूबर 2025 को मनीषा भाटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना शंभूगढ़ में दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों पर संदेह भी जताया था। पुलिस ने एक नामजद व्यक्ति को हिरासत में लिया, लेकिन मात्र एक दिन बाद उसे रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई से परिजनों में असंतोष और आक्रोश बढ़ गया।

23 अक्टूबर 2025 को ग्राम अण्टाली में खारी नदी के पास स्थित कुएं में मनीषा भाटी की लाश तैरती हुई मिली। सूचना के बावजूद पुलिस मौके पर देर से पहुँची। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में 15 दिन लगने का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी।

इससे पहले 21 अक्टूबर 2025 को ग्राम अण्टाली में सर्व समाज द्वारा शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपखंड अधिकारी गुलाबपुरा, पुलिस उपाधीक्षक और तहसीलदार अण्टाली मौके पर पहुंचे और हत्यारों की गिरफ्तारी, केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने तथा 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कई बार पुलिस उपाधीक्षक को अवगत कराने के बावजूद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर हत्यारों की गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो जनआंदोलन, धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल जैसे कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मनीषा भाटी को न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

Pratahkal Bureau

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