अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत लेखा संवर्ग के सुदृढ़ीकरण और पुनर्गठन की गूंज अब मुख्यालय तक पहुँच गई है। ऊर्जा लेखा कर्मचारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह मान के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अजमेर डिस्कॉम मुख्यालय पहुँचकर प्रबंध निदेशक (एमडी) से मुलाकात की और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भीलवाड़ा जिला अध्यक्ष नंदकिशोर कोली ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिदृश्य में उपभोक्ता घनत्व में निरंतर हो रही वृद्धि और राजस्व संबंधी कार्यों की बढ़ती जटिलताओं के कारण लेखा संवर्ग का पुनर्गठन अब समय की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।

संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए अवगत कराया कि कार्य के अत्यधिक दबाव को देखते हुए पदों का पुनर्गठन त्वरित प्रभाव से किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि तकनीकी विभागों के साथ-साथ सतर्कता और प्रोजेक्ट विंग में भी अनिवार्य रूप से लेखा पदों का सृजन किया जाए, ताकि न केवल कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे, बल्कि निगम में वित्तीय अनुशासन भी सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, संगठन ने वर्ष 2025-26 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की कार्यवाही को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने की पुरजोर मांग की है, ताकि पात्रता रखने वाले कर्मचारियों को उनके पदोन्नति के लाभ से वंचित न रहना पड़े।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में रजत गमोट, चंद्रमोहन सोलंकी और सीताराम शर्मा सहित संगठन के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे। ऊर्जा लेखा संवर्ग द्वारा उठाई गई इन मांगों का सीधा असर भविष्य में निगम की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन की सुदृढ़ता पर पड़ना तय है।

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