भीलवाड़ा की पुण्यधरा पर 12 वर्ष बाद एक बार फिर अध्यात्म और धर्म का दिव्य आयोजन होने जा रहा है। परम पूज्य चर्याशिरोमणि, अध्यात्मयोगी, पट्टाचार्य 108 आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का लगभग 12 वर्षों के अंतराल के बाद पुनः भीलवाड़ा नगर में मंगल आगमन होगा। उनके पावन सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, तिलक नगर, भीलवाड़ा में 30 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में श्रुतसंवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ का भी पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन मिलेगा।

आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का वर्ष 2015 में 24 मुनिराजों के विशाल संघ के साथ भीलवाड़ा में चातुर्मास हुआ था। उस दौरान आचार्य श्री के मंगल प्रवचनों एवं पावन सानिध्य से पूरा जैन समाज धर्म और अध्यात्म की आराधना से जुड़ा था। लगभग 12 वर्षों के बाद आचार्य श्री का पुनः भीलवाड़ा आगमन समाज के लिए महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवसर माना जा रहा है। उनके आगमन की घोषणा के बाद सकल दिगंबर जैन समाज में उत्साह, उमंग एवं भक्तिभाव का वातावरण है।

चतुर्मुखी पार्श्वनाथ कल्पद्रुम बड़े मंदिर के प्रवक्ता श्री पवन अजमेरा ने कहा कि आचार्य श्री का लगभग 12 वर्षों बाद पुनः भीलवाड़ा की पुण्यधरा पर मंगल आगमन समस्त जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य और आध्यात्मिक गौरव का अवसर है। संतों का आगमन केवल किसी नगर का सौभाग्य नहीं, बल्कि समाज के लिए धर्म, संस्कार और आत्मजागरण का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि तिलक नगर जिनालय में होने वाला पंचकल्याणक महोत्सव भीलवाड़ा के धार्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। आचार्य श्री के पावन सानिध्य तथा मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के मार्गदर्शन में होने वाला यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म और संस्कारों से जोड़ने का प्रेरणास्रोत बनेगा।

6 सितंबर 2026 को सकल दिगंबर जैन समाज, भीलवाड़ा का लगभग 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के ऋषभ विहार पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने वहां चातुर्मासरत आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के दर्शन किए और तिलक नगर जिनालय की पंचकल्याणक प्रतिष्ठा संपन्न करवाने के लिए भीलवाड़ा पधारने का विनम्र निवेदन किया।

समाजजनों के भावपूर्ण निवेदन को स्वीकार करते हुए आचार्य श्री ने 30/31 दिसंबर तथा 1/2/3/4 जनवरी 2027 में पंचकल्याणक महोत्सव की स्वीकृति प्रदान करते हुए अपना मंगल आशीर्वाद दिया। आचार्य श्री की स्वीकृति मिलते ही समाजजनों में हर्ष की लहर दौड़ गई।

जैन दर्शन में पंचकल्याणक भगवान के गर्भ, जन्म, तप, केवलज्ञान एवं मोक्ष—इन पांच महान कल्याणकों की पावन आराधना का महापर्व है। ऐसे महापर्व का आचार्य श्री के पावन सानिध्य में संपन्न होना भीलवाड़ा के लिए आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर होगा।

इस भव्य पंचकल्याणक महोत्सव में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक एवं सुशिष्य श्रुतसंवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ का भी पावन सानिध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

तिलक नगर जिनालय के निर्माण का शिलान्यास 27 अगस्त 2023 को श्रुतसंवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ था। श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ मंदिर एवं सेवा ट्रस्ट, तिलक नगर के अध्यक्ष श्री दिनेश सेठिया ने बताया कि शिलान्यास के पश्चात समाजजनों एवं ट्रस्ट के अथक प्रयासों से जिनालय का निर्माण कार्य निरंतर आगे बढ़ा और वर्तमान में तीन मंजिला भव्य जिनालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

अब इसी नवीन जिनालय में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होना एक अद्भुत धार्मिक संयोग है। जिस जिनालय की नींव संतों के आशीर्वाद से रखी गई, उसी जिनालय में संतों के पावन सानिध्य में जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा एवं पंचकल्याणक की आराधना होगी।

आचार्य श्री से पंचकल्याणक महोत्सव के लिए निवेदन करने वाले प्रतिनिधिमंडल में श्री दिनेश जी सेठिया, अध्यक्ष, तिलक नगर जैन मंदिर; श्री लोकेश जी अजमेरा, महामंत्री, सकल दिगंबर जैन समाज, भीलवाड़ा; श्री पवन जी अजमेरा, प्रवक्ता, चतुर्मुखी पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पुराना भीलवाड़ा; श्री प्रकाश जी गंगवाल, अध्यक्ष एवं ट्रस्टीगण, सुपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, न्यू हाउसिंग बोर्ड, शास्त्री नगर; श्री नरेश जी गोधा, अध्यक्ष, आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, आर.के. कॉलोनी; श्री लक्ष्मीकांत जी जैन, अध्यक्ष, पदमप्रभ दिगंबर जैन मंदिर, बापूनगर; तथा श्री गुलाबचंद जी शाह, ट्रस्टी, शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, केशर कुंज शामिल रहे।

इनके साथ श्री अरविंद जैन, श्री राजेश पाटनी, श्री राजेश बघेरवाल, श्री अमोलक चंद जी छाबड़ा, श्री विकास सेठी एवं तिलक नगर जैन मंदिर के सदस्य तथा सकल दिगंबर जैन समाज के अनेक समाजजन भी उपस्थित रहे।

आचार्य श्री द्वारा पंचकल्याणक महोत्सव की स्वीकृति एवं तिथियों की घोषणा के बाद समाजजनों ने आयोजन को भीलवाड़ा की पुण्यधरा के लिए आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक अवसर बताते हुए इसे भव्य, दिव्य एवं अविस्मरणीय बनाने के लिए तैयारियां प्रारंभ करने का संकल्प लिया। संतों का सानिध्य, जिनबिम्बों की प्रतिष्ठा, पंचकल्याणक की आराधना और मुनि दीक्षाओं का दिव्य अवसर भीलवाड़ा की पुण्यधरा पर धर्म और अध्यात्म का नया अध्याय रचेगा।

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