भीलवाड़ा, 6 अगस्त। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में सूर्यमहल में चातुर्मास की धर्म साधना निरंतर जारी है। गुरुवार को धर्म संदेश देते हुए आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अनमोल है और इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन प्राप्त होने पर आत्मकल्याण के लिए पुरुषार्थ करते हुए सिद्धत्व प्राप्ति को अपना लक्ष्य बनाना चाहिए।



आचार्यश्री ने कहा कि जीवन में कषाय कम करने से भाव निर्मल होते हैं। भावों की विशुद्धि व्यक्ति के चरित्र को ऊंचाई प्रदान करती है और गुणस्थान में अभिवृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि यही गुणस्थान वृद्धि एक दिन आत्मतत्व में लीन होकर भगवत्ता को प्रकट करती है। उन्होंने कहा कि जिनवाणी के माध्यम से भगवान महावीर की वीतराग वाणी सुनकर भव्य जीव भगवान बन जाते हैं। जिनवाणी के रूप में भगवान की देशना सुनकर प्रत्येक व्यक्ति के मन में भी भगवान बनने की भावना जागृत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से जिनवाणी का श्रवण करता है, वह जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है।

आचार्य पुलकसागर महाराज ने कहा कि भावों की विशुद्धि होने पर ही व्यक्ति जिनवाणी श्रवण का पात्र बनता है। सांसारिक साधन कषाय वृद्धि करते हैं, जबकि भावों की शुद्धि से कषाय घटते हैं, जीवन में निर्मलता आती है, साधु-संतों के प्रति अनुराग बढ़ता है और घर-परिवार के प्रति मोह कम होता है। उन्होंने कहा कि मानव भव अत्यंत दुर्लभ है, इसलिए वर्तमान को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अपने भीतर भगवान को विराजमान करना है तो मन को कषाय मुक्त कर जीवन को कोरे कागज के समान बनाना होगा। तभी आत्मा के अनंत गुण प्रकट होकर भगवान बनने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन और वाणी में मधुरता रखने से समता और समरसता बढ़ती है तथा गुणस्थान भी उत्तम होता है, जबकि असत्य, माया और अभिमान गुणस्थान को नीचे ले जाते हैं।

श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य बालचंद सत्यप्रकाश लक्ष्य ठोला परिवार, कांस्या बिजौलिया वाले को प्राप्त हुआ। धर्म संदेश के श्रवण के लिए भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं सूर्यमहल पहुंचे।

चातुर्मास समिति के संयोजक मनीष शाह ने बताया कि सूर्यमहल में आचार्यश्री के सानिध्य में 14 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8.30 बजे से 10 बजे तक प्रवचन होंगे। इसके साथ ही प्रतिदिन शाम 7 बजे से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन भी किया जा रहा है।

समिति के सह संयोजक लोकेश अजमेरा ने बताया कि चातुर्मास का प्रमुख आकर्षण सर्व समाज के लिए आयोजित होने वाला ज्ञान गंगा महोत्सव रहेगा, जो 15 से 30 अगस्त तक चित्रकूटधाम में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां जारी हैं। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आचार्यश्री के मुखारविंद से प्रवचन सुनने पहुंचेंगे। ज्ञान गंगा महोत्सव में शामिल होने के लिए देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के भीलवाड़ा आने की संभावना है। इस आयोजन को लेकर तैयारियां लगातार जारी हैं।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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