भीलवाड़ा, 19 मार्च। भीलवाड़ा के चित्तौड़ रोड स्थित होटल द व्हाइट सीजन्स में भगवान महावीर की परम उज्ज्वल पाट परंपरा के वल्लभ सूरी समुदाय के वर्तमान गच्छाधिपति और आत्म वल्लभ समुद्र इंद्रदिन्न सूरी के यशस्वी पट्टधर, पद्मश्री विभूषित शांतिदूत आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज साहब का गरिमामय अल्प प्रवास संपन्न हुआ। आचार्य श्री यहाँ होटल मालिक, श्वेतांबर स्थानकवासी जैन नानक श्रावक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जीतो के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संपतराज चपलोत के विशेष आमंत्रण पर पधारे थे। इस पावन अवसर पर गुरुदेव के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी, गुलाबपुरा के समाजसेवी मिलापचंद्र चपलोत, संपतराज चपलोत, आरसीएम ग्रुप के उद्योगपति प्रकाश छाबड़ा, कांतिलाल जैन, सुनील जागेटिया, संदीप सिंघवी, सुभाष गाडोदिया एवं यूएस व्यास सहित जिले भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।

विधायक अशोक कोठारी ने इस आगमन को पूरे क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि गुरुदेव के संदेशों से समाज में धर्म, संस्कृति और संयम की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने आचार्य श्री को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से अलंकृत किए जाने को जैन समाज के साथ-साथ संपूर्ण राष्ट्र के लिए गौरव का क्षण बताया। कोठारी ने विश्वास व्यक्त किया कि गुरुदेव के सानिध्य से क्षेत्र में प्रवाहित आध्यात्मिक चेतना जनमानस को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी और समाज में सुख-शांति एवं समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।

कार्यक्रम के दौरान गुरुदेव के शिष्य मुनि मोक्षानंद विजय ने भगवान महावीर की श्रमण परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह परंपरा तप, त्याग और वैराग्य की सुदृढ़ नींव पर टिकी है। उन्होंने जानकारी दी कि गच्छाधिपति आचार्य नित्यानंद सूरीश्वर म.सा. ने मात्र नौ वर्ष की अल्प आयु में सपरिवार जैन दीक्षा अंगीकार की थी और तब से वे निरंतर आत्मकल्याण व लोककल्याण के पथ पर गतिमान हैं। जैन संतों की कठोर चर्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि गुरुदेव अपने संयमकाल में अब तक लगभग पौने दो लाख किलोमीटर की पदयात्रा पूर्ण कर चुके हैं। पिछले वर्ष नागौर में चातुर्मास संपन्न करने के पश्चात इस वर्ष उनका चातुर्मास बैंगलोर में प्रस्तावित है।

विहार की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए मुनि मोक्षानंद विजय ने बताया कि गुरुदेव ने 14 मार्च को विजयनगर-गुलाबपुरा के समीप केसरिया धाम तीर्थ में 600 और 900 वर्ष प्राचीन दो जिन मंदिरों की प्रतिष्ठा संपन्न करवाई। भीलवाड़ा प्रवास के उपरांत अब गुरुदेव चित्तौड़गढ़ की ओर विहार कर रहे हैं, जहाँ वे जैनाचार्य हरिभद्र सूरीश्वर की जन्मभूमि के दर्शन एवं किले स्थित जैन मंदिरों की वंदना करेंगे। इसके पश्चात उदयपुर, केसरियाजी, बड़ौदा, भरूच और झगड़िया होते हुए वे सूरत पहुंचेंगे। आगामी 14-15 अप्रैल को झगड़िया में महामांगलिक तथा 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर सूरत के बलेश्वर तीर्थ में वर्षी तप के पारणों का भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा। तत्पश्चात मुंबई और पुणे के रास्ते कर्नाटक प्रवेश करते हुए 19 जुलाई 2026 को बैंगलोर में उनका ऐतिहासिक चातुर्मासिक प्रवेश होगा। भारत सरकार द्वारा उन्हें प्रदान किया गया पद्मश्री सम्मान उनके इन्ही लोककल्याणकारी कार्यों और संयमित जीवन का प्रमाण है, जो समाज को सदाचार की राह पर चलने हेतु सदैव प्रेरित करता रहेगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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