भीलवाड़ा: भीलवाड़ा-कोटा नेशनल हाईवे 758 पर गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा घटित हुआ, जब पैदल यात्री को बचाने के प्रयास में एक बेकाबू डंपर ने सामने चल रही बाइक को चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बेटी और बेटी का देवर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरातफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।

सवाईपुर चौकी से मिली जानकारी के अनुसार सोपुरिया निवासी कमलेश (22) पुत्र भीम सालवी अपनी भाभी मैना (30) पत्नी बबलु सालवी और मैना की मां हीरा देवी, जो जापरपुरा का चोपड़ा निवासी थीं, के साथ बाइक पर सवार होकर जोगणिया माता के देवस्थल पर धोख लगाने जा रहे थे। नवरात्रा के अवसर पर यह परिवार आस्था और श्रद्धा के भाव से यात्रा कर रहा था। जैसे ही वे कुड़ी चौराहे के पास पहुंचे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा एक डंपर अचानक सामने आए पैदल यात्री को बचाने के प्रयास में बाइक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सवार सड़क पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही वहां मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को बुलाया और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने हीरा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल कमलेश और मैना का उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत स्थिर है, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

दुर्घटना की खबर मिलते ही बीगोद थाने से एएसआई सत्यनारायण वैष्णव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बताया कि हादसा डंपर चालक के अचानक नियंत्रण खो देने और पैदल यात्री को बचाने की कोशिश में हुआ। फिलहाल मामले की जांच जारी है और डंपर चालक की भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।

गांव के लोगों ने बताया कि नवरात्रा के दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और वाहन से जोगणिया माता मंदिर जाते हैं, जिससे हाईवे पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में रफ्तार और लापरवाही अक्सर दुर्घटनाओं को जन्म देती है। गुरुवार का यह हादसा भी इसी लापरवाही और अनियंत्रित रफ्तार का परिणाम माना जा रहा है।

हीरा देवी की असमय मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन और ग्रामीण यह विश्वास ही नहीं कर पा रहे कि श्रद्धा की यात्रा के बीच अचानक ऐसा हादसा सामने आ जाएगा। घटना ने न केवल परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यस्त और श्रद्धालुओं से भरे मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही कितनी सुरक्षित है।

गुरुवार का यह हादसा इस बात का प्रमाण है कि सड़क पर सतर्कता और गति नियंत्रण कितना आवश्यक है। एक क्षण की लापरवाही ने जहां एक परिवार की मां को हमेशा के लिए छीन लिया, वहीं बेटी और देवर जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह घटना सभी को यह चेतावनी देती है कि श्रद्धा की यात्रा हो या रोज़मर्रा का सफर, सुरक्षित यात्रा ही जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।




Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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