भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के आध्यात्मिक आकाश में एक नई ऊर्जा का संचार होने जा रहा है, जहाँ आधुनिक जीवन की आपाधापी और मानसिक तनाव के बीच शांति की खोज कर रहे शहरवासियों के लिए 'मंत्राक्ष ध्यान' का अनूठा महाकुंभ आयोजित होने वाला है। जैन संत मुनि आदित्य सागर महाराज के पावन सानिध्य में आगामी 21 से 23 जनवरी तक आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय शिविर केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि बुद्धि, शक्ति और वैभव की प्राप्ति का एक वैज्ञानिक मार्ग सिद्ध होगा। शहर के आरसी व्यास कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट स्कूल ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस भव्य शिविर को लेकर संपूर्ण जैन समाज और धर्मप्रेमी जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण आयोजन की रूपरेखा साझा करने के लिए आरके कॉलोनी स्थित जैन मंदिर में मुनि आदित्य सागर के सानिध्य में एक भव्य पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने मंत्र और ध्यान की प्राचीन भारतीय पद्धति की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महामंडल विधान के पश्चात आयोजित हो रहे इस 'मंत्राक्ष ध्यान शिविर' का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की आत्मा को 'हील' करना और उसे रोग व तनाव से मुक्त करना है। मुनि श्री के अनुसार, मानव कल्याण तभी संभव है जब मन, वचन और काया—इन तीनों की पूर्ण स्वच्छता हो। प्राचीन काल में जब औषधियों का प्रचलन सीमित था, तब मंत्र और मेडिटेशन ही असाध्य रोगों के उपचार का सशक्त माध्यम हुआ करते थे, और इसी लुप्त होती विधा को पुनः जाग्रत करना इस शिविर का लक्ष्य है।

शिविर के तीन दिन व्यक्ति के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगे। प्रथम दिन, 21 जनवरी को बुद्धि की प्रखरता और 'ब्रेन डेवलपमेंट' पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि व्यक्ति की निर्णय क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि हो सके। द्वितीय दिन यानी 22 जनवरी का सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, जिसमें वर्तमान समय की सबसे बड़ी समस्या तनाव और नशाखोरी (व्यसन) से मुक्ति के गुर सिखाए जाएंगे। शिविर के अंतिम दिन, 23 जनवरी को मुनि श्री धन, वैभव और संपत्ति के आकर्षण का विज्ञान समझाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ओर जहाँ व्यक्ति धन के पीछे भागता है, वहीं इस ध्यान के माध्यम से यह सिखाया जाएगा कि धन स्वयं व्यक्ति की ओर कैसे आकर्षित हो।

21 से 23 जनवरी तक प्रतिदिन प्रातः 5:15 से 6:00 बजे के ब्रह्म मुहूर्त में चलने वाले इस शिविर में जाति-पाति के भेदभाव से परे किसी भी समाज का व्यक्ति पूर्णतः निःशुल्क भाग ले सकता है। ध्यान सत्रों के पश्चात मुनि श्री द्वारा व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान हेतु विशेष रेमेडी और शारीरिक-मानसिक रोगों के निदान के परामर्श भी दिए जाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान नरेश गोधा, अजय बाकलीवाल, अतुल पाटनी, सुमित पाटनी और अनंत पाटनी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं, आयोजन को भव्य रूप देने और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में रामपाल शर्मा और चिराग कोठारी सहित समाज के अनेक गणमान्य जन दिन-रात जुटे हुए हैं। यह शिविर भीलवाड़ावासियों के लिए आध्यात्मिक उत्थान और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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