भीलवाड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब: मुनि आदित्य सागर ने दिया मंत्र, धन के पीछे न भागें, ध्यान से खींचें वैभव अपनी ओर
भीलवाड़ा में मुनि आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में संपन्न हुए तीन दिवसीय मंत्राक्ष ध्यान शिविर में उमड़ा जनसैलाब। मुनि श्री ने बताया कि कैसे ध्यान और बीजाक्षर मंत्रों के माध्यम से धन और वैभव को आकर्षित किया जा सकता है। 1500 से अधिक श्रद्धालुओं ने तनाव मुक्ति और आत्मिक शांति का अनुभव किया। जानिए कैसे मंत्र शक्ति बदल रही है लोगों का जीवन।

भीलवाड़ा। राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की फिजाओं में इन दिनों अध्यात्म और शांति की एक नई लहर तैर रही है। शहर के आरसी व्यास कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट स्कूल ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय 'मंत्राक्ष ध्यान शिविर' का समापन एक ऐसे क्रांतिकारी संदेश के साथ हुआ जिसने आधुनिक जीवन की आपाधापी में फंसे हजारों लोगों को झकझोर कर रख दिया। जैन मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इंसान को धन के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि मन को ध्यान के माध्यम से इतना स्थिर और ऊर्जवान बना लेना चाहिए कि धन और वैभव स्वयं उसकी ओर खिंचे चले आएं। मुनि श्री ने 'धन का आपके प्रति आकर्षण' के सूक्ष्म विज्ञान को समझाते हुए बीजाक्षर मंत्रों के माध्यम से साधकों को ध्यान की गहराइयों में उतारा।
शिविर के अंतिम दिन तड़के 5:15 बजे से ही पूरा पंडाल श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से खचाखच भर गया। लगभग 1500 लोगों ने एक साथ बैठकर जब बीजाक्षर मंत्रों का जाप किया, तो पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया। मुनि आदित्य सागर महाराज, जिनका मंगल प्रवेश 11 जुलाई को श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुआ था, ने इस शिविर के माध्यम से बुद्धि, शांति, शक्ति की वृद्धि और तनाव एवं व्यसन से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। शिविर के दौरान केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं हुए, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से मन के नियंत्रण पर भी जोर दिया गया। ध्यान सत्र के पश्चात आयोजित शंका समाधान सत्र में श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का निवारण किया गया, जिससे युवाओं और वरिष्ठजनों दोनों को जीवन की गुत्थियां सुलझाने में मदद मिली।
इस भव्य आयोजन की सफलता में स्थानीय समाज और आयोजकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन समारोह के अवसर पर शिविर के मुख्य प्रायोजक 'कुलवीर ग्रुप' के डायरेक्टर अतुल पाटनी, राहुल शर्मा और सिद्धार्थ शर्मा को मुनि श्री के सानिध्य में विशेष यंत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिविर संयोजक अतुल पाटनी ने गुरुदेव के संदेश को दोहराते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को यह समझने की जरूरत है कि भौतिक संपदा मानसिक स्थिरता का ही एक प्रतिफल है। पूरे कार्यक्रम का कुशल प्रबंधन 'आदित्यं इवेंट' द्वारा किया गया, जिसने इतनी बड़ी संख्या में आए लोगों के लिए व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित किया।
शिविर के प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शामिल हुए लोगों के जीवन में त्वरित परिवर्तन देखे गए। श्रद्धालु नीलम जैन ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि जो शरीर पहले कुछ मिनट भी जमीन पर बैठने में असमर्थ था, वह ध्यान की शक्ति से दो घंटे तक स्थिर बना रहा। डॉ. पूजा जैन ने इसे शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार बताया, वहीं भोपाल से विशेष रूप से पहुंचीं अनमोल जैन ने मंत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई मानसिक शांति को अद्वितीय करार दिया। यह तीन दिवसीय आयोजन केवल एक धार्मिक गतिविधि बनकर नहीं उभरा, बल्कि इसने भीलवाड़ा के नागरिकों को आत्म-साक्षात्कार और मानसिक अनुशासन का वह मंत्र दे दिया है, जो आने वाले समय में उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में समृद्धि का आधार बनेगा।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
