भीलवाड़ा के काशीपुरी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब: बसंत पंचमी पर बाबा श्याम ने धारण किया पीतांबरी बागा, भक्तों में बंटा खुशहाली का आशीर्वाद
भीलवाड़ा के काशीपुरी धाम में बसंत पंचमी पर बाबा श्याम की विशेष पूजा और पीतांबरी बागा वितरण का भव्य आयोजन हुआ। मुख्य पुजारी रूपेंद्र शुक्ला व सुरेश पोद्दार की उपस्थिति में हुए इस उत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जानिए क्यों खास है बाबा का यह पीला बागा और कैसे यह घर में लाता है सुख-समृद्धि।

भीलवाड़ा। टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा के प्रसिद्ध काशीपुरी धाम में आज बसंत पंचमी के पावन पर्व पर भक्ति और श्रद्धा का एक ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला, जिसने संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। श्री श्याम मंदिर के आंगन में जैसे ही सुबह की पहली किरण पड़ी, बाबा श्याम के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा। अवसर था बाबा श्याम के विशेष अभिषेक और उस अलौकिक 'पीतांबरी बागा' के वितरण का, जिसे पाने के लिए श्रद्धालु घंटों प्रतीक्षा में खड़े रहे। बसंत के इस उत्सव ने न केवल धार्मिक महत्ता को दर्शाया, बल्कि भक्तों के अटूट विश्वास को भी एक नई ऊंचाई प्रदान की।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंदिर के मुख्य पुजारी रूपेंद्र शुक्ला एवं पंडित रवि के सानिध्य में हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और ऋचाओं के बीच बाबा श्याम का दुग्धाभिषेक किया गया। अभिषेक के उपरांत, बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में बाबा को विशेष रूप से तैयार किया गया भव्य 'पीतांबरी बागा' (पीला वस्त्र) धारण कराया गया। बाबा का यह मनमोहक श्रृंगार देखते ही बन रहा था। इसके पश्चात आयोजित विशेष पूजा-अर्चना में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से बाबा की आरती उतारी और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस भव्य आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र 'पीतांबरी बागा' का प्रसाद स्वरूप वितरण रहा। श्री श्याम सेवा समिति काशीपुरी धाम के अध्यक्ष सुरेश पोद्दार ने इस परंपरा की गहराई पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पीतांबरी मात्र एक वस्त्र नहीं, बल्कि बाबा का साक्षात आशीर्वाद है। श्रद्धालु इसे अपने घरों की तिजोरियों, पूजा स्थलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में स्थापित करते हैं। जनमानस में यह दृढ़ विश्वास व्याप्त है कि इस बागा को धारण करने या घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समस्त मांगलिक कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है।
धार्मिक मान्यताओं की पुष्टि करते हुए मुख्य पुजारी रूपेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शास्त्रों में पीला रंग ज्ञान, पवित्रता और वैभव का प्रतीक है। बसंत पंचमी पर बाबा को अर्पित यह बागा भक्तों के लिए रक्षा कवच के समान है, जो व्यापार में उन्नति, संतान सुख और नकारात्मक शक्तियों के नाश में सहायक माना जाता है। आयोजन की गरिमा और व्यवस्थाओं को लेकर मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए समिति ने दर्शन, अभिषेक और प्रसाद वितरण के लिए चाक-चौबंद प्रबंध किए थे।
श्री श्याम सेवा समिति द्वारा आयोजित इस पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और भक्ति का अनूठा उदाहरण पेश किया गया। समिति के पदाधिकारियों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयासों से यह उत्सव न केवल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, बल्कि इसने भीलवाड़ा के धार्मिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। अंत में समिति ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिससे यह गरिमामय आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।

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