भीलवाड़ा में गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भव्य नगर कीर्तन में दिखा शौर्य और समर्पण का संगम
भीलवाड़ा में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर निकला भव्य नगर कीर्तन। पंज प्यारों की अगुवाई में उमड़ी संगत, वीर खालसा गतका पार्टी का शौर्य प्रदर्शन और ऐतिहासिक झांकियों ने मोहा मन। गुरुद्वारा साहिब में 5 जनवरी तक चलेंगे विशेष दीवान और अटूट लंगर। भीलवाड़ा की इस धार्मिक यात्रा का विस्तृत विवरण यहाँ पढ़ें।

भीलवाड़ा। दसवंत गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की सड़कें आज खालसायी रंग में रंगी नजर आईं। श्रद्धा, भक्ति और अदम्य साहस के प्रतीक इस पर्व पर शहर में एक विशाल नगर कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसने न केवल सिख समाज बल्कि संपूर्ण शहरवासियों को गुरु महिमा के सूत्र में पिरो दिया। भक्तिमय धुनों और 'जो बोले सो निहाल' के जयघोष के बीच निकला यह कारवां आस्था के एक ऐसे महाकुंभ में तब्दील हो गया, जिसकी गूंज पूरे भीलवाड़ा में सुनाई दी।
नगर कीर्तन का शुभारंभ दोपहर 3 बजे सिंधु नगर स्थित गुरुद्वारा साहिब से अरदास के साथ हुआ। पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की पालकी साहिब का भव्य फूलों से श्रृंगार किया गया, जिसके पीछे संगत कीर्तन और सेवा करते हुए पूरी श्रद्धा के साथ चल रही थी। यह शोभायात्रा हेमू कालानी सर्किल, सिटी कोतवाली, नगर परिषद् और मुरली विलास रोड़ होते हुए स्टेशन चौराहे तक पहुँची। मार्ग में गोल प्याऊ चौराहा, बालाजी मार्केट, सूचना केंद्र, पेच एरिया, महावीर पार्क और गर्ल्स कॉलेज रोड़ जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए शाम 7 बजे पुनः गुरुद्वारा साहिब पर संपन्न हुई। इस दौरान कोटा से विशेष रूप से आमंत्रित 'वीर खालसा' गतका पार्टी के सदस्यों ने हैरतअंगेज युद्ध कला और शौर्य का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और चौराहों पर आकर्षक सजावट की गई थी। नगर कीर्तन में शामिल विशेष फ्लेक्स और झांकियों के माध्यम से सिख पंथ के गौरवमयी इतिहास, साहिबजादों की अमर शहादत और देश की आजादी व प्रगति में सिख समाज के अतुलनीय योगदान को जीवंत किया गया। सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए पंजाबी खत्री समाज, सिंधी समाज और इंद्रा मार्केट एसोसिएशन सहित कई स्वयंसेवी संगठनों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया। गुरुद्वारा साहिब पहुँचने पर भव्य आतिशबाजी ने आकाश को रोशनी से सराबोर कर दिया, जिसके पश्चात गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया।
इस विशाल आयोजन की सफलता में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के इंद्रपाल सिंह सोनी, ऋषिपाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, इकबाल सिंह, दर्शन सिंह, जसमीत सिंह, गौरव नागपाल, मनिन्दर सिंह, श्रवण सिंह, मनप्रीत सिंह और नवजोत सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान पिछले कई दिनों से चल रही प्रभातफेरी का समापन हुआ और श्री अखंड पाठ साहिब की विधि-विधान से आरंभता की गई। वर्तमान में गुरुद्वारा परिसर और खुले पांडालों को मनमोहक विद्युत सज्जा से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
उत्सव की कड़ी में 4 जनवरी को गुरुद्वारा साहिब में विशेष साफ-सफाई और लंगर सेवा की जाएगी, जबकि रात्रि 7.30 बजे से विशेष कीर्तन दीवान सजेगा। मुख्य आयोजन 5 जनवरी को प्रकाश पर्व के दिन होगा, जिसकी शुरुआत तड़के 05.30 बजे श्री आसा की वार के कीर्तन से होगी। इस अवसर पर लुधियाना से आए प्रसिद्ध कीर्तनी जत्थे भाई अमनदीप सिंह जी के साथ-साथ ज्ञानी करनैल सिंह जी और ज्ञानी सुखबीर सिंह जी अपनी मधुर गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे। दोपहर 12.30 बजे से लंगर की सेवा शुरू होगी और 2 बजे सामूहिक अरदास के साथ दीवान की समाप्ति होगी। प्रबंधक कमेटी ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से इन कार्यक्रमों में सपरिवार शामिल होकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।

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