भीलवाड़ा के यूनेस्को टेम्पल में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: मां सरस्वती के पाटोत्सव पर बरसी ज्ञान की पीयूष वर्षा
भीलवाड़ा के ईरांस स्थित यूनेस्को टेम्पल में दो दिवसीय तृतीय पाटोत्सव और बसंत पंचमी महोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ। मां सरस्वती के विशेष श्रृंगार, महाआरती और भव्य महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की। जिला यूनेस्को एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने ज्ञान, चरित्र और संस्कारों का संदेश देते हुए भीलवाड़ा में भक्ति और उत्साह का नया संचार किया है।

भीलवाड़ा। राजस्थान की वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के समीप ईरांस स्थित देवछाया विहार कॉलोनी इन दिनों अध्यात्म और उल्लास के अनूठे संगम की साक्षी बनी। अवसर था यूनेस्को टेम्पल परिसर में आयोजित दो दिवसीय तृतीय पाटोत्सव और बसंत पंचमी महोत्सव का, जहाँ आस्था का ऐसा ज्वार उमड़ा कि समूचा क्षेत्र 'मां शारदे' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। जिला यूनेस्को एसोसिएशन भीलवाड़ा के तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामय समारोह ने न केवल धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया, बल्कि समाज को ज्ञान, चरित्र और संस्कारों की त्रिवेणी से जोड़ने का सशक्त संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का आगाज प्रकृति के यौवन और ज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की विशेष वंदना के साथ हुआ। यूनेस्को के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए बसंत पंचमी की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं, बल्कि मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह के संचार का माध्यम है। मां सरस्वती को समर्पित यह दिन हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। यूनेस्को की प्रवक्ता मधु लोढ़ा के अनुसार, इस तृतीय पाटोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा का अलौकिक श्रृंगार कर उन्हें पुष्पों से आच्छादित किया गया, जो आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
समारोह के मुख्य चरण में शुभ मुहूर्त पर जिला यूनेस्को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती का पूजन कर लोक कल्याण की कामना की। इसके पश्चात आयोजित भव्य महाआरती में गोपाल लाल माली, जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल, सचिव जगदीशचंद्र मुंदडा, संगठन मंत्री कमलेश जाजू, उपाध्यक्ष पुष्पा सुराणा, राजेश आचार्य, अशोक सुवालका और तोताराम माली सहित कई गणमान्य जनों ने भक्तिभाव से शिरकत की। महाआरती के बाद शुरू हुई विशाल महाप्रसादी में हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य के सहभागी बने।
इस ऐतिहासिक आयोजन की गरिमा बढ़ाने वालों में यूनेस्को के उपाध्यक्ष नंदकिशोर पारीक, विद्यासागर सुराणा, कोषाध्यक्ष हरनारायण माली, अशोक काबरा, जुगल किशोर लढा, रामचंद्र मुंदडा, अरविंद अग्रवाल, लता अग्रवाल, सतनारायण शर्मा, एडवोकेट अशोक गट्टानी, राजेश जीनगर, कन्हैयालाल बुलीवाल, मुकेश माली, संपत बुलीवाल और विकिल बंजारा सहित शहर के अनेक प्रबुद्ध नागरिक और हजारों श्रद्धालु शामिल थे। यह दो दिवसीय उत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भीलवाड़ा की सांस्कृतिक एकता और सेवा भावना को एक नए धरातल पर स्थापित किया है। मां सरस्वती की कृपा और सामुदायिक सहयोग के साथ सम्पन्न हुआ यह पाटोत्सव क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना को और अधिक प्रगाढ़ कर गया।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
