भीलवाड़ा में देशभक्ति का अनूठा रंग: सिख युवाओं ने बांधी तिरंगी पगड़ी, एकता के संदेश से गूंज उठा गुरुद्वारा
भीलवाड़ा में 77वें गणतंत्र दिवस पर गुरुद्वारा गुरुनानक सभा में सिख युवाओं ने तिरंगी पगड़ी पहनकर देशभक्ति और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की। इकबाल सिंह, गौरव नागपाल और ऋषिपाल सिंह के नेतृत्व में युवाओं ने संविधान के प्रति निष्ठा जताई और देश की एकता का संदेश दिया। भीलवाड़ा की इस प्रेरक पहल ने युवाओं के बीच राष्ट्रीयता के नए जज्बे को प्रज्वलित किया है।

भीलवाड़ा। आन-बान और शान के प्रतीक 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर वस्त्र नगरी भीलवाड़ा के हृदय स्थल से राष्ट्रीय एकता की एक ऐसी तस्वीर उभरी, जिसने हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। गुरुद्वारा गुरुनानक सभा के प्रांगण में जब सिख समुदाय के युवाओं ने अपने सिर पर तिरंगे के तीन रंगों में रंगी पगड़ी सजाई, तो वहां मौजूद हर शख्स इस अद्भुत और भावनात्मक दृश्य का गवाह बना। यह केवल एक परिधान नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा और 'अनेकता में एकता' के उस अटूट भारतीय संकल्प का जीवंत प्रदर्शन था, जो सदियों से इस देश की नींव रहा है।
इस गौरवमयी आयोजन में मुख्य रूप से इकबाल सिंह, गौरव नागपाल और ऋषिपाल सिंह ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। इन युवाओं ने न केवल संविधान के प्रति अपनी गहरी निष्ठा व्यक्त की, बल्कि अपनी पगड़ी के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इन युवाओं का कहना था कि तिरंगी पगड़ी भारत के सम्मान, त्याग और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिख समाज ने राष्ट्र की अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए हमेशा अग्रणी पंक्ति में रहकर बलिदान दिया है और भविष्य में भी यह समाज राष्ट्र सेवा के लिए पूर्णतः समर्पित रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी इकबाल सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस के वास्तविक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हमारा संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है और इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारना ही सच्चे अर्थों में देशभक्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी धर्मों और समुदायों के बीच का आपसी सौहार्द ही वह शक्ति है जो भारत को विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है।
गुरुद्वारा परिसर में मौजूद नागरिकों और गणमान्य अतिथियों ने युवाओं की इस अनूठी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयास नई पीढ़ी के भीतर न केवल अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान जगाते हैं, बल्कि उनमें देशप्रेम की लौ को और भी प्रज्वलित करते हैं। जैसे-जैसे तिरंगी पगड़ी पहने ये युवा गुरुद्वारा परिसर से बाहर निकले, पूरा माहौल देशभक्ति के जज्बे से सराबोर नजर आया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बन गया कि भीलवाड़ा की धरती पर सौहार्द और राष्ट्रवाद का संगम आज भी उतना ही गहरा है, जितना कि हमारे महान संविधान निर्माताओं ने कल्पना की थी।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
