भीलवाड़ा में प्रकृति का अनूठा उत्सव: 25 हजार फूलों की महक और 80 हजार सैलानियों का रेला, खिल उठा शहर का कोना-कोना
भीलवाड़ा में प्लांट लवर सोसाइटी द्वारा आयोजित भव्य फूलों की प्रदर्शनी का समापन हुआ। 1.25 लाख वर्ग फीट में फैली इस प्रदर्शनी में 25000 फूलों और बोनसाई वृक्षों ने 80 हजार दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। ऑर्गेनिक किचन गार्डन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न हुए इस पांच दिवसीय उत्सव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

भीलवाड़ा। वस्त्र नगरी भीलवाड़ा की फिजाओं में इन दिनों केवल सूत की खुशबू नहीं, बल्कि हजारों फूलों की महक घुली हुई थी। प्लांट लवर सोसाइटी द्वारा आयोजित पांच दिवसीय भव्य पुष्प प्रदर्शनी का बुधवार, 14 जनवरी को रंगारंग समापन हुआ। सवा लाख वर्ग फीट के विशाल क्षेत्र में फैली इस प्रदर्शनी ने न केवल प्रकृति प्रेमियों का मन मोहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और केमिकल मुक्त जीवन शैली का एक सशक्त संदेश भी जन-जन तक पहुँचाया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर संपन्न हुए इस उत्सव ने भीलवाड़ा के इतिहास में बागवानी और प्रकृति प्रेम का एक नया अध्याय लिख दिया है।
सचिव प्रियंका सोमानी ने इस आयोजन की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन पांच दिनों के भीतर लगभग 80 हजार से अधिक लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जो शहरवासियों के प्रकृति के प्रति बढ़ते लगाव को दर्शाता है। सवा लाख वर्ग फीट में बिछी फूलों की चादर के बीच अध्यक्ष सुनील चौधरी ने जानकारी दी कि यहाँ लगभग 30 विभिन्न प्रजातियों के 25,000 से अधिक पौधों को प्रदर्शित किया गया था। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण 15 वर्ष पुराना नीम और 30 वर्ष पुराना बरगद के बोनसाई वृक्ष रहे, जिन्होंने कला और धैर्य की पराकाष्ठा को जीवंत कर दिया। इसके अतिरिक्त औषधीय पौधों, कैक्टस की दुर्लभ किस्मों और सीक्वेंशियल प्रजातियों के पौधों ने भी विशेषज्ञों और आम जनता को खूब आकर्षित किया।
महिलाओं और गृहणियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया 500 वर्ग फीट का 'ऑर्गेनिक किचन गार्डन' इस शो का केंद्र बिंदु रहा। कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी ने बताया कि इस गार्डन के माध्यम से घर की छोटी सी जगह में बिना रसायन के सब्जियां उगाने की तकनीक को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। समापन के दिन मीडिया प्रभारी कैलाश सोनी और पंकज मिश्रा ने बताया कि बागवानी को बढ़ावा देने के लिए चार विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जहाँ विशेषज्ञों ने मौसमी पौधों की देखभाल के गुर सिखाए। मंच का कुशल संचालन रजनीकांत आचार्य द्वारा किया गया।
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में हरशा कटियार, रेखा चौधरी, प्रतिमा बंब, कुसुम कोगटा, फिरोज खान, आशा, नवरतन, हितेष तिवारी, भूपेंद्र सिंह, संजय राठी और राजकुमार बंब ने व्यवस्थाओं की कमान संभाली। वहीं, स्टॉल प्रबंधन में सुनील तलेसरा, अमन सोनी, रेखा कोठारी, बालकिशन जी, गुरदीप गंभीर, अशोक महेश्वरी और चाँद्रवीर सिंह का अनुकरणीय सहयोग रहा। समापन समारोह के साथ ही यह प्रदर्शनी केवल फूलों का जमावड़ा न रहकर, शहर के लिए हरियाली और शुद्ध पर्यावरण के प्रति एक सामूहिक संकल्प का प्रतीक बन गई।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
