भीलवाड़ा। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर आज पर्यावरण प्रेमी मोतीलाल सिंघानिया ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा को ई-मेल के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया। इस ज्ञापन की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को भी भेजी गई हैं।

ज्ञापन में राष्ट्रपति से भावपूर्ण अपील की गई है कि वे इस संवेदनशील विषय पर हस्तक्षेप करें और अरावली पर्वतमाला को 'राष्ट्रीय धरोहर' का दर्जा दिलवाने में सहयोग करें। विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर पुनर्विचार की मांग की गई है, जिसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को खनन की श्रेणी में रखा गया है।

मोतीलाल सिंघानिया ने ज्ञापन में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "अरावली केवल पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा है। यह 692 किलोमीटर लंबी पर्वत श्रृंखला है, जिसमें भारत की सबसे ऊंची चोटी गुरू शिखर (1722 मीटर) माउंट आबू में स्थित है। इसमें कई जंगल, राष्ट्रीय अभ्यारण, तालाब, धर्रे, खाईयां, प्राकृतिक झरने और हजारों प्रजातियों के पेड़-पौधे एवं जंगली जीव-जंतु पाए जाते हैं। अगर 100 मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों को सुरक्षा से बाहर रखा गया, तो राजस्थान का 90 प्रतिशत क्षेत्र रेगिस्तान बनने की राह पर होगा।"

ज्ञापन में अरावली के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसकी पूरी पर्वत श्रृंखला को खनन मुक्त घोषित करने, वन क्षेत्रों और संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों में चल रहे अवैध खनन को तत्काल रोकने, और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संकट एवं प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

सिंघानिया ने चेतावनी दी कि अरावली की सुरक्षा में लापरवाही से उदयपुर, माउंट आबू, कुंभलगढ़ और अजमेर जैसे पर्यटन स्थलों की पहचान संकट में आ सकती है। गिरता भूजल स्तर और बढ़ती गर्मी इस बात का संकेत है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ अब मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

इस प्रयास से पर्यावरण प्रेमियों की ओर से अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जो राज्य और देश के लिए लंबी अवधि में निर्णायक साबित हो सकता है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

Rajesh Toshniwal, Bhilwara

नाम: राजेश तोषनीवाल

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)

कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस

परिचय 

राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।

  • वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
  • इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

  • स्नातक (Graduate)
  • डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)

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