मां की निर्दयता ने छीनी नवजात की सांसें, झाड़ियों में छोड़े गए शिशु की जंगली जानवरों के हमले में मौत
भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई, जहां नानोदिया गांव के पास झाड़ियों में छोड़े गए नवजात शिशु की जंगली जानवरों के हमले में मौत हो गई। पुलिस जांच में जुटी है और दोषी महिला की तलाश जारी है।

भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने समाज की संवेदनाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। नानोदिया ग्राम के पास सड़क किनारे झाड़ियों में एक नवजात शिशु को छोड़ दिया गया, जहां असहाय अवस्था में पड़े मासूम की जंगली जानवरों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों की भी कठोर परीक्षा बनकर सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने नानोदिया गांव के समीप सड़क किनारे झाड़ियों में एक नवजात शिशु को पड़ा देखा। जब लोग पास पहुंचे तो दृश्य अत्यंत भयावह था। शिशु का शरीर जंगली जानवरों द्वारा बुरी तरह क्षत-विक्षत किया जा चुका था। इस मंजर को देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा को अवगत कराया गया। मांडल 108 एंबुलेंस के पायलट प्रभु प्रजापत और मेल नर्स गिरिराज पायक तत्काल मौके पर पहुंचे और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेड़ा पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद शिशु को मृत घोषित कर दिया, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। लोग यह समझने में असमर्थ हैं कि एक मां अपने ही नवजात को इस तरह बेसहारा छोड़ने का निर्णय कैसे ले सकती है। यह घटना समाज के भीतर छिपी उन परिस्थितियों की ओर भी इशारा करती है, जिन पर गंभीर मंथन की आवश्यकता है।
फिलहाल बनेड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के गांवों, स्वास्थ्य केंद्रों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है, ताकि उस महिला की पहचान की जा सके जिसने नवजात को झाड़ियों में छोड़ा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी को कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
नवजात की यह दर्दनाक मौत समाज के लिए एक कठोर चेतावनी बनकर सामने आई है। यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवीय जिम्मेदारियों पर गहरा प्रभाव छोड़ने वाली त्रासदी भी है, जिसे अनदेखा करना भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
