भीलवाड़ा, 18 जून। संजय कॉलोनी स्थित श्री चारभुजा मंदिर में आयोजित 26वें पाटोत्सव महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा का छठा दिन अत्यंत भक्तिपूर्ण और स्मरणीय रहा। श्री चारभुजा मंदिर सेवा समिति एवं महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में कथा व्यास आचार्य शक्ति देव जी महाराज ने श्रद्धालुओं को रासलीला, उद्धव प्रसंग, कंस मर्दन और भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथाओं का रसपान कराया।

कथा के दौरान आचार्य शक्ति देव जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन प्रेम, भक्ति, करुणा और धर्म की स्थापना का दिव्य संदेश है। उन्होंने गोवर्धन लीला का स्मरण कराते हुए श्रद्धालुओं को समझाया कि जिन भक्तों के हृदय में ईश्वर का वास होता है, वे हर कठिन परिस्थिति में सुरक्षित रहते हैं। रासलीला प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इसे जीव और परमात्मा के मिलन का आध्यात्मिक प्रतीक बताया। आचार्य ने विशेष रूप से गुरु महिमा का बखान करते हुए जीवन में एक योग्य गुरु का मार्गदर्शन अनिवार्य बताया।


कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाहोत्सव रहा। महिला मंडल द्वारा सजाई गई इस मनोहारी झांकी में शुभम और ज्योति मूंदड़ा ने श्री कृष्ण और रुक्मिणी की भूमिका निभाई। विवाहोत्सव के दौरान पूरा पंडाल भक्ति गीतों और जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने फूलों की होली के साथ भक्ति रस का आनंद लिया। आचार्य श्री ने उद्धव प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि ज्ञान और तर्क से कहीं श्रेष्ठ भक्ति है।

कार्यक्रम के अंत में महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसका लाभ प्रकाश चंद्र और प्रसून काबरा परिवार द्वारा लिया गया। मंदिर के पुजारी पंडित गजानंद शर्मा एवं श्रीमती नर्बदा देवी शर्मा का सम्मान सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं रुणवाल परिवार द्वारा किया गया। महोत्सव की सफलता में सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश देवपुरा, मंत्री अरविंद जैन सहित बड़ी संख्या में सदस्यों और स्थानीय निवासियों का विशेष योगदान रहा।

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Pratahkal Newsroom

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