भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय के ग्रामीण अंचल में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी, जिसे योगिनी एकादशी के रूप में जाना जाता है, 10 जुलाई को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इसे पाप नाशिनी और आरोग्य प्रदायक एकादशी माना जाता है, जिसे लेकर सनातन धर्म प्रेमियों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। इस दिन श्रद्धालु आरोग्य, समृद्धि और मुक्ति की कामना के साथ भगवान विष्णु की स्तुति करेंगे।

इस अवसर पर कस्बे के प्रमुख मंदिरों जैसे कोठी वाले हनुमान जी मंदिर प्रांगण, चतुर्भुज जी महाराज मंदिर, लक्ष्मी नारायण महाराज मंदिर, दाऊजी महाराज मंदिर, राधा कृष्ण युगल किशोर जी महाराज मंदिर, भगत राज वाले हनुमान जी महाराज मंदिर, पुरानी अनाज मंडी स्थित लक्ष्मण जी मंदिर और हूंकारेश्वर महादेव मंदिर सहित बनखंडी वाले हनुमान जी मंदिर परिसर में विशेष आयोजन होंगे। घरों में भी श्रद्धालु प्रातःकाल स्नानादि के बाद संकल्प लेकर भगवान विष्णु की मूर्ति अथवा लड्डू गोपाल और चित्रों को स्थापित करेंगे। कलश पर आम के पत्ते रखकर पूजन किया जाएगा और तुलसी दल, फल, फूल, धूप, दीप तथा नैवेद्य अर्पित किए जाएंगे। इस दौरान विष्णु सहस्त्रनाम और एकादशी मंत्रों का जाप किया जाएगा। ढोलक, झांझ और मजीरा की थाप पर भजनों के माध्यम से भगवान को रिझाते हुए श्रद्धालु अपनी हाजिरी लगाएंगे।

महेश शर्मा, राघवेंद्र शर्मा और पुष्पेंद्र मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि पद्म पुराण के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत परिवार में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करने वाला है। इस व्रत से समस्त पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि योगिनी एकादशी व्रत करने से जातकों को 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने का पुण्य फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही व्रत कथा सुनने और पाठ करने से श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक उन्नति होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

Pratahkal Newsroom

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