भगवान का नाम और आध्यात्मिक ज्ञान ही समाज को दे सकता है सही दिशा: डॉ. कृष्णा पाठक
weir-bandh-ka-nagla-shrimad-bhagwat-katha-concludes बन्देश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित कथा महोत्सव में कथा वाचिका डॉ. कृष्णा पाठक ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण के संदेशों और नैतिक मूल्यों की जानकारी दी।

वैर के बन्ध का नगला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के समापन पर (बाएं से दाएं) मंदिर समिति के पदाधिकारी और यजमान कथा वाचिका डॉ. कृष्णा पाठक को सम्मानित करते हुए।
भरतपुर जिले की वैर-भुसावर विधानसभा क्षेत्र स्थित बन्ध का नगला के बन्देश्वर महादेव मंदिर परिसर में मलमास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। 5 जून से 11 जून तक प्रतिदिन आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
समस्त बौहरा परिवार के तत्वावधान तथा संरक्षक रतनलाल बौहरा एवं ब्रह्मा देवी के संयुक्त सान्निध्य में आयोजित कथा महोत्सव में जयपुर से पधारी बाल ब्रह्मचारिणी एवं प्रसिद्ध कथा वाचिका डॉ. कृष्णा पाठक ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत महापुराण का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि साक्षात ईश्वरीय शक्ति का स्वरूप है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया नाम स्मरण व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है तथा उसे आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति कराता है।
कथा के दौरान डॉ. कृष्णा पाठक ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते विवाद, प्रेम और सम्मान की कमी, स्वार्थ, ईर्ष्या तथा अहंकार जैसी प्रवृत्तियां परिवारों और सामाजिक संबंधों को कमजोर कर रही हैं। ऐसे समय में भगवान का नाम और आध्यात्मिक ज्ञान ही समाज को सही दिशा प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य भगवान की शरण में आता है तो उसके भीतर करुणा, प्रेम, दया और सहनशीलता जैसे गुण विकसित होते हैं, जो न केवल उसके स्वयं के कल्याण बल्कि समाज के व्यापक हित का भी मार्ग प्रशस्त करते हैं।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। भगवान की महिमा और भागवत कथा के प्रसंगों को सुनकर अनेक श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजन-कीर्तन एवं नृत्य में सहभागी बने।
कथा महोत्सव के विश्राम अवसर पर यजमान समस्त बौहरा परिवार एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने व्यासपीठ तथा श्रीमद्भागवत महापुराण की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद कथा मंच से जुड़े कलाकारों, सहयोगियों एवं कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन भगवान की भव्य महाआरती एवं प्रसादी वितरण के साथ हुआ।
धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाते हुए समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता के महत्व को पुनः रेखांकित किया।

Mohan Joshi, Bharatpur
नाम: मोहन लाल जोशी
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं
परिचय एवं अनुभव
मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:
- राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
- ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
- शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:
- स्नातक (Graduation)
- बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
- पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।
