बयाना। डांग क्षेत्र के जंगलों में प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए खुशखबरी है। कई वर्षों बाद यहाँ बड़ी संख्या में मानव मित्र गिद्धों की टोलियाँ दिखाई दीं, जिससे क्षेत्रवासियों और विशेषज्ञों में उत्साह का माहौल बन गया।

नवलापूरा से लगभग दो किलोमीटर पहले के जंगल क्षेत्र में अचानक आकाश में मंडराते गिद्धों के झुंड ने स्थानीय लोगों को चकित कर दिया। इस दुर्लभ और प्रेरक दृश्य को बयाना नगरपालिका पार्षद डॉ. शैलेंद्र कुमार गुर्जर ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।

डॉ. गुर्जर ने बताया कि गिद्धों का इस तरह झुंड में लौटना प्रकृति के संतुलन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, “गिद्धों का बचाव, मतलब प्रकृति का बचाव। ये पक्षी पर्यावरण के सफाईकर्मी हैं और इनके लौटने से पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है।”

वर्षों से गिद्ध विलुप्ति की कगार पर थे, इसलिए उनका इस क्षेत्र में पुनः दिखाई देना स्थानीय जैव विविधता में सुधार का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी बताया कि कई दशक बाद इतने अधिक गिद्ध एक साथ देखे गए।

वन विभाग ने इस घटना की जानकारी को गंभीरता से लेते हुए गिद्धों के लौटने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना यह संदेश देती है कि यदि पर्यावरण संरक्षण निरंतर जारी रखा जाए, तो प्रकृति अपने खोई हुई धरोहरों को वापस लौटाने में सक्षम है।

इस दुर्लभ दृश्य ने न केवल वन्यजीव प्रेमियों का दिल जीता है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयासों की सफलता का भी प्रतीक है।

Pratahkal Bureau

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