बल्लभगढ़ में बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण: 8 दिनों से ठप जलापूर्ति के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरे लोग
भुसावर के गांव बल्लभगढ़ में पिछले 8 दिनों से जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते गहराए भीषण जलसंकट ने ग्रामीणों का धैर्य तोड़ दिया है। पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे आक्रोशित महिला-पुरुषों ने खाली बर्तन लेकर विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सहायक अभियंता शैलेंद्र सैनी द्वारा फोन न उठाने और बोरवेल की केबल चोरी होने के बावजूद समाधान न होने से स्थिति विस्फोटक हो गई है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

भुसावर उपखंड के अंतर्गत आने वाले गांव बल्लभगढ़ में कड़ाके की सर्दी के बीच पिछले आठ दिनों से जारी भीषण जलसंकट ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। जहाँ एक ओर आम जनजीवन पहले से ही मौसम की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर जलदाय विभाग की घोर लापरवाही ने ग्रामीणों के हलक सुखा दिए हैं। विभाग की उदासीनता और प्रशासनिक तंत्र की विफलता के चलते गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे त्रस्त होकर शनिवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। आक्रोशित महिला और पुरुषों ने हाथों में खाली बर्तन लेकर जलदाय विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
शनिवार की सुबह गांव का माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीण लामबंद होकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी प्रकाश पटवा, यदुवेन्द्र बंसल और पिंटू जोशी ने बताया कि बल्लभगढ़ में पिछले आठ दिनों से नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने और दैनिक कार्यों के लिए मीलों दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जिससे उनका पूरा दिन केवल पानी के इंतजाम में ही व्यर्थ हो रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों को इस भीषण समस्या के कारण भारी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए। उनका कहना था कि समस्या के समाधान के लिए जब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के सहायक अभियंता शैलेंद्र सैनी से संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो वे ग्रामीणों का फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते। कई बार कॉल करने के बावजूद अधिकारी द्वारा कोई प्रत्युत्तर न मिलना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि बोरवेल की केबल चोरी हो गई है, लेकिन विडंबना यह है कि एक लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी विभाग नई केबल लगवाने में असमर्थ साबित हो रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। विभागीय अधिकारियों की यह चुप्पी और टालमटोल वाला रवैया न केवल उनकी प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी बताता है कि वे जनता की बुनियादी जरूरतों के प्रति कितने उदासीन हैं। फिलहाल, बल्लभगढ़ के निवासी प्रशासन की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं कि कब उनकी सूखी टोंटियों से पानी की धार बहेगी और कब उन्हें इस कृत्रिम सूखे से मुक्ति मिलेगी।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
