भुसावर। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि "राज्य सरकार द्वारा वैर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में क्रेशर सञ्चालन सम्बन्धी नियमों की पालना नहीं किये जाने पर सम्बंधित इकाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा औद्योगिक इकाइयों की नियमित रूप से जांच की जाती है।

नियमों की पालना और आवश्यक मापदंड

वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य बहादुर सिंह द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि क्रेशर मशीन संचालन के निर्धारित नियम हैं, जिनकी पालना किया जाना अनिवार्य है। औद्योगिक इकाइयों के लिए निम्नलिखित कार्य आवश्यक हैं:

  • क्रेशर मशीन की कन्वेयर बेल्ट को ढकना।
  • परिसर के अंदर नियमित सफाई रखना।
  • विंड ब्रेकिंग वॉल बनाना।
  • धूल दबाने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर (पानी का छिड़काव) करना।
  • ग्रीन बेल्ट (पौधरोपण) विकसित करना।

उल्लंघन पर कार्रवाई की प्रक्रिया

उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन न करने की स्थिति में विभाग द्वारा जांच करवाई जाती है एवं जांच में दोषी पाए जाने पर सम्बंधित इकाई को नोटिस जारी कर कमियों को दूर करने के लिए निर्देश दिये जाते हैं। इकाई द्वारा कमियों को दूर करने पर विभाग द्वारा दुबारा जांच भी करवाई जाती है।

शर्मा ने कहा कि "जांच में दुबारा दोषी पाए जाने की स्थिति में इकाई को क्लोज़र नोटिस जारी CTO (कंसेंट टू ऑपरेट) वापस लेकर क्रेशर को बंद कर दिया जाता है।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए सख्त कार्यवाही की जा रही है एवं नियमों का उल्लंघन करने पर सम्बंधित के विरुद्ध जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

वैर विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और जांच रिपोर्ट

इससे पहले विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में वन एवं पर्यावरण मंत्री ने बताया कि राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अनुसार वैर विधानसभा क्षेत्र में कुल 62 औद्योगिक इकाईयां स्थापित हैं। इन औद्योगिक इकाइयों में विगत तीन वर्षों में की गई जांच एवं जांच हेतु निर्धारित अवधि का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

वैर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में से कुल 31 औद्योगिक इकाईयां विगत तीन वर्षों में प्रदूषण मानदंड को पूरा नहीं करती पाई गई एवं उनके विरूद्ध की गई कार्रवाई का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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