कामां के बिलंग गांव में आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की व्यथा, मौके पर दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

डीग, 10 दिसंबर। प्रशासनिक सरोकारों को गांव-गांव तक पहुँचाने और अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को राहत दिलाने की प्रतिबद्धता के साथ जिला कलेक्टर उत्सव कौशल बुधवार देर शाम कामां उपखंड के बिलंग गांव में आयोजित रात्रि चौपाल में पहुंचे। दूर-दराज़ से आए ग्रामीणों के बीच कलेक्टर का यह संवाद न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बना, बल्कि शासन की संवेदनशीलता का सजीव उदाहरण भी प्रस्तुत किया। ग्रामीणों की समस्याएं सुनते समय कलेक्टर ने जिस आत्मीयता और गंभीरता का परिचय दिया, उसने चौपाल को एक संवाद-सत्र से आगे बढ़ाकर आश्वासन और विश्वास का मंच बना दिया।

कलेक्टर कौशल ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से रात्रि चौपालों की श्रृंखला संचालित की जा रही है, जहाँ समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान प्राथमिकता है। चौपाल में शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, सिंचाई, सड़क, अतिक्रमण और राजस्व से जुड़े विविध मुद्दे प्रमुखता से उठे, जिन पर कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की मांग पर कलेक्टर ने नए कक्षा-कक्ष निर्माण और भूमि आवंटन प्रकरणों को प्राथमिकता देने के आदेश दिए। चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु ग्रामीणों द्वारा डिस्पेंसरी में चिकित्सक पद सृजन की मांग पर उन्होंने संबंधित विभाग से प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया। क्षेत्र में पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की और हर घर तक पाइपलाइन से जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। किसानों द्वारा नहर निर्माण की मांग पर अभियंताओं को तकनीकी साध्यता की जांच करने के निर्देश भी दिए।

चौपाल के दौरान सड़क और अतिक्रमण से जुड़े मुद्दे भी मुखर हुए। ग्रामीणों ने कामां से पहाड़ी वाया बिलंग-गढाजान मार्ग पर हो रहे अतिक्रमण और सड़कों की खराब हालत पर चिंता जताई। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी व राजस्व विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने और सड़क मरम्मत कार्य त्वरित गति से प्रारंभ करने का आदेश दिया। साथ ही आबादी क्षेत्र के ऊपर से गुजर रही 1100 केवी की खुली विद्युत लाइन को हटाने और सुरक्षित लाइन बिछाने के निर्देश विद्युत विभाग को दिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव हो सके।

चौपाल में राजस्व विभाग से जुड़े प्रकरणों पर विशेष फोकस रहा। जमाबंदी में नाम शुद्धिकरण, जनाधार से नाम पृथक्करण और व्यक्तिगत लाभ संबंधी मामलों का समाधान मौके पर ही प्रारंभ किया गया। एक दिव्यांग ग्रामीण द्वारा स्कूटी उपलब्ध करवाने के आवेदन पर कलेक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को तुरंत सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी दौरान ग्रामीणों ने बिजली बिल माफी और गांव में बैंक शाखा खोलने के संबंध में भी ज्ञापन सौंपे।

कलेक्टर उत्सव कौशल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चौपाल में प्राप्त सभी प्रकरणों का समाधान केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आमजन की संतुष्टि ही सुशासन का वास्तविक पैमाना है और इस दिशा में कोई भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। चौपाल में उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को रखते हुए विश्वास जताया कि प्रशासन उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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