डीग - 14 जनवरी: राजस्थान के नवगठित डीग जिले में आज मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक चेतना और अपार जन-उत्साह के साथ मनाया गया। सूर्य देव के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने के इस पावन काल ने पूरे जिले को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। शास्त्रों के अनुसार, आज से सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही शुभ कार्यों का मार्ग प्रशस्त हो गया है और दिनों की अवधि में वृद्धि होने लगी है। इस वर्ष का यह उत्सव विशेष रहा क्योंकि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर माघ मास की 'षटतिला एकादशी' का भी मंगलकारी योग बना, जिसने इस दिन के धार्मिक महत्व को कई गुना बढ़ा दिया।

सुबह की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं का हुजूम मंदिरों और जलाशयों की ओर उमड़ पड़ा। महिलाओं और भक्तों ने श्रद्धा भाव से पूजन कर मंदिरों में मत्था टेका और मंगल कामनाएं कीं। इस विशेष संयोग के चलते जिले भर में दान-पुण्य का अटूट सिलसिला देखने को मिला। मकर संक्रांति और एकादशी के संगम पर पुण्य अर्जित करने की आकांक्षा लिए श्रद्धालुओं ने साधु-संतों, ब्राह्मणों सहित गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा की। इस दौरान तिल से बने पारंपरिक पकवान, ताजे फल, गर्म वस्त्र और दक्षिणा वितरित कर दान की महिमा को चरितार्थ किया गया।

शहर के प्रमुख देवालयों में वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया, जहाँ सुबह से ही भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा भाव ने जिले के सामाजिक ताने-बाने को और सुदृढ़ किया। यह पर्व केवल खगोलीय परिवर्तन का प्रतीक ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और परोपकार की उस सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण बन गया, जो डीग की सांस्कृतिक पहचान को गौरवान्वित करता है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story