भरतपुर। सर्दी का मौसम शुरू होते ही जरूरतमंद और बेघर लोगों की उम्मीदें शहर के आश्रय स्थलों से जुड़ जाती हैं, लेकिन नगर निगम की तैयारियों की हकीकत इन दिनों सवालों के घेरे में है। शहर के प्रमुख हीरादास बस स्टैंड के सामने स्थित आश्रय स्थल पर सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक रजाई और कंबलों की भारी कमी सामने आई है, जिससे वहां ठहरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बस स्टैंड के समीप स्थित होने के कारण यह आश्रय स्थल हर रात बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों का सहारा बनता है। यहां कुल 64 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार सर्दी से बचाव के लिए उपलब्ध संसाधन बेहद सीमित हैं। आश्रय स्थल में कार्यरत कर्मचारी बदन सिंह ने बताया कि फिलहाल उनके पास केवल आठ गर्म रजाइयां हैं और कंबलों की संख्या भी बेहद कम है। ऐसे में सभी लोगों को पर्याप्त गर्म कपड़े उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा।

कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन की ओर से सर्दी के मौसम को देखते हुए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि कर्मचारियों को अपनी निजी रजाइयां और गर्म कपड़े जरूरतमंदों को देने पड़ते हैं, ताकि वे ठंड से बच सकें। यह स्थिति न केवल व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है, बल्कि मानवीय संकट की ओर भी इशारा करती है।

आश्रय स्थल में रुकी युवती कल्लो कुमारी ने बताया कि अभी सर्दी की शुरुआत है, इसलिए लोगों की संख्या कम है और कर्मचारी किसी तरह व्यवस्था संभाल रहे हैं। लेकिन जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, यहां रुकने वालों की संख्या भी बढ़ेगी और तब हालात संभालना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

सर्दी के इस शुरुआती दौर में सामने आई यह स्थिति नगर निगम प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते रजाई और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है, जिसका सीधा असर सबसे कमजोर वर्ग पर पड़ेगा।

Pratahkal Bureau

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