बयाना क्षेत्र के कई गांवों में बिजली विभाग की लापरवाही ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। नारौली, ककलपुरा, सादपुरा और खटका सहित आसपास के गांवों में उपभोक्ताओं को अचानक 20 हजार से लेकर 85 हजार रुपये तक के भारी-भरकम बिजली बिल थमा दिए गए हैं। यह देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अधिकांश उपभोक्ता नियमित रूप से अपने बिलों का भुगतान करते आए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सब विभागीय गड़बड़ी और लापरवाही का नतीजा है। पिछले एक सप्ताह से प्रभावित उपभोक्ता विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक किसी अधिकारी ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे लोगों में गहरा आक्रोश है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और इतने बड़े बिलों का भुगतान करना उनके लिए असंभव है।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब विभाग की ओर से समय पर बिल जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी जारी की गई। इससे ग्रामीणों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी बिना जांच किए गलत रीडिंग और तकनीकी त्रुटियों के आधार पर बिल जारी कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर गलत बिलों को सही किया जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक भारी-भरकम बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाए।

इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की पीड़ा यह दर्शाती है कि सिस्टम की एक छोटी सी चूक किस तरह आम जनता को आर्थिक और मानसिक संकट में डाल सकती है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक हस्तक्षेप और समाधान की दिशा में टिक गई हैं।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story