डीग, 6 दिसंबर: गिरीश शर्मा, पूर्व जिला उपाध्यक्ष, के नेतृत्व में शहर के तालाबों में गंदे पानी और मरती मछलियों की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार ग्यारहवें दिन शनिवार को जारी रहा। स्थानीय नागरिकों ने तालाबों और घाटों की सफाई न होने के खिलाफ धरना दिया।

धरने के दौरान गिरीश शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीग शहर के लगभग सात से आठ वार्डों का गटर का पानी सीधे तालाबों में मिल रहा है। साथ ही, लोगों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर लैट्रिन के टैंक्स न बनवाने के कारण मलमास के महीनों में श्रद्धालुओं के लिए स्नान करना भी मुश्किल हो गया है।

शहर में आयोजित 84 कोस परिक्रमा में हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्ष तालाबों में स्नान करते हैं, लेकिन गंदगी और बदबू के कारण लोग इसमें भाग लेने से कतराने लगे हैं। जल महल समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले हजारों पर्यटक भी प्रदूषित पानी देखकर निराश हो रहे हैं।

धरने में जतिन गुप्ता, रघुवीर सैनी, शंकर सैनी, नरेश सैनी, देवेंद्र, गोविंद, राजीव, बबलू पत्ते, पुष्कर कुलश्रेष्ठ, बबलू और कन्हैया डागुर सहित अन्य स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। यह विरोध प्रदर्शन प्रशासन के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अगर तालाबों की सफाई और जल संरक्षण के उपाय जल्द नहीं किए गए, तो स्थानीय लोगों का संघर्ष और बढ़ सकता है।

डीग शहर के पर्यावरण और स्वच्छता पर यह मामला चिंता का विषय बन गया है, जिससे न केवल स्थानीय जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

Pratahkal Bureau

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