भुसावर (राजस्थान)। भुसावर उपखंड के ऐतिहासिक किलों और बाबड़ी कुंडों की हालत खस्ता होती जा रही है। रियासत काल में पहाड़ों पर बनाये गए ये किले आज जर्जर अवस्था में हैं और किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। बल्लभगढ़ और हाथौड़ी के किले, चार मंजिला बाबड़ियां और जल महल अब अपने पुरखों की भव्यता खोते नजर आ रहे हैं।

इतिहास गवाह है कि रियासत काल में राजा और महाराजाओं ने अपनी सीमाओं के विस्तार और सुरक्षा के लिए त्रिकूट पर्वत पर भव्य किले बनवाए थे। इन किलों में रानी निवास, कुएं, शस्त्रागार और अत्यंत गोपनीय स्थान बनाए गए थे। लेकिन रजबाड़े के समाप्त होने के बाद ये धरोहरें धीरे-धीरे खंडहर में बदल गईं। आज ये किले जंगली जानवरों और चमगादड़ों का आश्रय स्थल बन चुके हैं।

विशेष रूप से बल्लभगढ़ में रियासत कालीन दरवाजों की हालत चिंताजनक है। राजा बल्लभ सिंह द्वारा बनवाए गए इन दरवाजों की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं, और उनमें लगाए गए किवाड़ भी टूट-फूट का शिकार हैं। दो साल पूर्व बरसात में यहां की दीवारें गिर चुकी थीं, लेकिन राज्य सरकार और पुरातत्व विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

शिक्षाविद् डॉ. यजुवेन्द्र बंसल ने बताया कि बल्लभगढ़ के दरवाजों पर लगे किवाड़ जर्जर अवस्था में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। यदि समय रहते राजस्थान सरकार के पुरातत्व और पर्यटन विभाग की देखरेख और मरम्मत नहीं की गई, तो ये ऐतिहासिक धरोहरें पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी।

राजस्थान सरकार ने इन धरोहरों को अभी तक पर्यटन मानचित्र में शामिल नहीं किया है और जिला प्रशासन भी इनकी सुरक्षा और संरक्षण में कोई पहल नहीं कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते संरक्षण और मरम्मत के उपाय न किए गए, तो न केवल ऐतिहासिक महत्व की ये धरोहरें खो जाएंगी, बल्कि संभावित दुर्घटना का भी खतरा बना रहेगा।

बल्लभगढ़ और हाथौड़ी के किलों की वर्तमान स्थिति यह संकेत देती है कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाना अति आवश्यक है।

Mohan Joshi, Bharatpur

Mohan Joshi, Bharatpur

नाम: मोहन लाल जोशी

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: भरतपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): तहसील रिपोर्टिंग, क्राइम (अपराध), एग्रीकल्चर फार्मिंग (कृषि), प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसमस्याएं

परिचय एवं अनुभव 

मोहन लाल जोशी को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में एक लंबा और विविध अनुभव है। वह वर्तमान में भरतपुर क्षेत्र से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनके करियर का विवरण निम्नलिखित है:

  • राजस्थान पत्रिका: इन्होंने 10 वर्षों तक राजस्थान पत्रिका में अपनी सेवाएं दी हैं, जहाँ मुख्य रूप से क्राइम, एग्रीकल्चर फार्मिंग और जन समस्याओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत कवरेज की।
  • ईटीवी राजस्थान (जयपुर): 14 साल पहले इन्होंने ईटीवी राजस्थान, जयपुर के साथ काम किया।
  • शेर-ए-हिंदुस्तान: इस मीडिया संस्थान के साथ भी काम करने का अनुभव।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

मोहन लाल जोशी शैक्षणिक और तकनीकी रूप से पत्रकारिता में उच्च योग्यता रखते हैं:

  • स्नातक (Graduation)
  • बीजेएमसी (BJMC): बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पीएचडी (Ph.D.): पत्रकारिता (Journalism) में उनकी पीएचडी वर्तमान में जारी है।

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