भुसावर में गूंजे स्वामी विवेकानंद के विचार: भारत विकास परिषद ने सेवा और संस्कार के संकल्प के साथ मनाई जयंती
भुसावर में भारत विकास परिषद द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाखा संरक्षक शेरसिंह सैनी के नेतृत्व में सेठ रघुनाथ बाग में आयोजित इस समारोह में वक्ताओं ने स्वामी जी के 'सेवा और संस्कार' के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। डॉ. विजय पहाड़िया और मोहन मुरारी पाण्डेय ने विवेकानंद के जीवन दर्शन को राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य बताया।

भुसावर। अध्यात्म और राष्ट्रवाद के संवाहक स्वामी विवेकानंद की जयंती आज भुसावर की पावन धरा पर अत्यंत गरिमामय और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। भारत विकास परिषद की स्थानीय शाखा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्वामी जी के महान व्यक्तित्व को नमन किया, बल्कि समाज के प्रति सेवा और संस्कारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया। नगर के सेठ रघुनाथ बाग में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व परिषद के संरक्षक शेरसिंह सैनी ने किया, जहां सुबह की प्रथम किरणों के साथ ही कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। शाखा कोषाध्यक्ष राजेश गोयल ने बताया कि परिषद के प्रत्येक सदस्य ने पुष्पांजलि अर्पित कर स्वामी जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान वातावरण स्वामी जी के जयघोष से गुंजायमान रहा, जो युवाओं और उपस्थित जनों में एक नई ऊर्जा का संचार कर रहा था।
इस अवसर पर बौद्धिक चर्चा का केंद्र रहे शाखा सचिव डॉ. विजय पहाड़िया, जिन्होंने स्वामी विवेकानंद की जीवनी और उनके वैश्विक संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से इस तथ्य को रेखांकित किया कि स्वामी विवेकानंद ही भारत विकास परिषद के वास्तविक प्रेरणास्त्रोत हैं। डॉ. पहाड़िया ने कहा कि परिषद की समस्त शाखाएं पूरे देश में स्वामी जी के 'सेवा और संस्कार' के मूल मंत्र को ही धरातल पर उतारने का कार्य कर रही हैं। इसी क्रम में शिक्षाविद मोहन मुरारी पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में स्वामी जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं और हमें उनके दिखाए गए सत्य एवं कर्म के मार्ग का दृढ़ता से अनुसरण करना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा के इस गौरवमयी क्षण में परिषद के समर्पित सदस्य दिलीप सिंघल, वेदप्रकाश शर्मा, मनीष मित्तल, नीरज शर्मा और अरविंद सहित स्थानीय शिक्षकगण और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज को संगठित होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी आहुति देने का संदेश दिया। भुसावर में आयोजित यह कार्यक्रम अंततः समाज में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

