डीग, 8 अप्रैल। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश ब्रांड एम्बेसडर के. के. गुप्ता ने बुधवार को डीग जिले के सभी नगर निकायों एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ पंचायत समिति सभागार में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि "स्वच्छता से ही आएगी प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली क्योंकि विकास की पहली सीढ़ी है स्वच्छ भारत मिशन"। उन्होंने जोर देकर कहा कि "प्रदेश साफ और सुंदर बनेगा, जब निकाय के अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान देंगे"।

मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति और सख्त निगरानी

बैठक में गुप्ता ने कहा कि "स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण में राजस्थान प्रदेश को उत्कृष्ट स्थान पर देखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी दृढ़ संकल्पित है।" मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि स्वच्छता के कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं निगरानी रखी जा रही है वहीं विभाग के उच्च स्तर तक भी मॉनिटरिंग रखते हुए प्रत्येक छोटे-बड़े निकाय के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े हुए हैं, इनके द्वारा प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा की जा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन: एक जन आंदोलन और स्वास्थ्य सुधार

गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2014 से पूर्व पूरे देश में गंदगी और कचरे का साम्राज्य फैला हुआ था। देश के प्रधानमंत्री ने एक बड़े विजन के साथ में स्वच्छ भारत मिशन अभियान प्रारंभ किया। उनकी बड़ी सोच रही है कि "देश का प्रत्येक गांव, ढाणी और कस्बा शहर स्वच्छ और सुंदर होना चाहिए।" देखते ही देखते स्वच्छता अभियान एक जन आंदोलन बन गया क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन से देश के 142 करोड़ लोगों का सीधा संबंध है। इस अभियान से पहले तक देश में प्रतिवर्ष करीब 25 लाख लोग असमय काल का ग्रास बन रहे थे लेकिन जब से स्वच्छ भारत मिशन शहर और ग्रामीण संचालित हो रहा है और गंदगी तथा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है तो वातावरण भी स्वच्छ हो रहा है। पहले लोग गंदगी से होने वाली प्रमुख बीमारी डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, उल्टी, दस्त बुखार आदि से पीड़ित हो रहे थे, लेकिन अब बीमारियां भी कम हो रही है। सरकारों को जनता के लिए स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं चलानी पड़ती है जिसमें प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रूपया व्यय हो रहा है। अब स्वच्छ भारत मिशन की बदौलत आम जनता का स्वास्थ्य भी अच्छा हो रहा है वही बीमा योजना का सरकारी धन बचत होकर देश और प्रदेश के विकास में काम आ रहा है।

ब्रज क्षेत्र और डीग जिले की नई वैश्विक पहचान

गुप्ता ने कहा कि "भरतपुर संभाग जो राजस्थान की पूर्व दिशा में है और इस क्षेत्र को राजस्थान का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।" पूरे राजस्थान में यह क्षेत्र एक जाना पहचाना नाम है वही, जिला डीग ब्रज ट्यूरिस्ट सर्किट का भी सबसे प्रमुख जिला है। यह क्षेत्र स्वच्छता अभियान में अपनी एक नई पहचान कायम करेगा। यहाँ के जल महल को देखने के लिए प्रतिवर्ष हजारों पर्यटक आते हैं और यहाँ की स्वच्छता और सुंदरता को देखकर प्रत्येक पर्यटक अपने मन में एक सकारात्मक सोच लेकर जाएगा।

निकायों की रैंकिंग और कार्यक्षमता का वर्गीकरण

स्वच्छता के कार्यों पर प्रदेश के निकायों को दी जा रही रैंकिंग के बारे में गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यो के आधार पर चार भागों में बाँटा गया है। ए केटेगरी के निकायों में अभी स्वच्छता के प्रति श्रेष्ठ कार्य चल रहा है। बी केटेगरी के निकायों में स्वच्छता के प्रति संतोषजनक कार्य किये जा रहे है। सी केटेगरी के निकायों में स्वच्छता के कार्यो के प्रति गंभीरता नहीं है सुधार के लिए चेतावनी दी जानी आवश्यक है। डी केटेगरी के निकायों में सख़्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

स्वच्छता प्रबंधन के अनिवार्य सूत्र और निर्देश

स्वच्छता के मुख्य सूत्रों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण नियमित और समयबद्ध रूप से होना चाहिए। गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग प्रातः 10 बजे से पहले संग्रहित किया जाए तथा एक गाड़ी से 400 घरों तक का कचरा संग्रहण कार्य किया जाए। प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग रोकते हुए नियमित रोकथाम की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सामुदायिक शौचालय एवं मूत्रालयों की सफाई दिन में तीन बार होनी चाहिए तथा वहाँ रंग रोंगन एवं पानी की व्यवस्था सुचारू होनी चाहिए। कॉमर्शियल क्षेत्र में रात्रिकालीन सफाई नियमित होनी चाहिए और एक व्यक्ति को 400 मीटर से ज्यादा की सफाई का जिम्मा नहीं दिया जावे, साथ ही कर्मचारी रेडियम की जैकेट पहने हुए होने चाहिए। अखबार में विज्ञप्ति के माध्यम से सभी खाली प्लॉट को साफ करने हेतु सूचना जारी करें तथा 3 दिन में सफाई न करने पर निकाय अपने स्तर पर सफाई करवाए तथा 10 गुणा तक जुर्माना वसूल करे, अन्यथा प्लाट को सीज करने तक की कार्यवाही करे। बगीचों में सफाई व्यवस्था, बच्चों के झूले, रंग रोंगन, सुचारू फव्वारे, अच्छी घास एवं पेड़ हो एवं मरम्मत कार्य व्यवस्थित होना अनिवार्य है।

Pratahkal Bureau

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