भुसावर। नगर पालिका प्रशासन द्वारा संचालित रैन बसेरे का हाल ही में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट शशिकांत गुप्ता ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे की विभिन्न व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां सामने आईं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए।

सहायक नाजिर रूपेंद्र तिवारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अन्नपूर्णा रसोई का संचालन तो हो रहा था, लेकिन प्रचार-प्रसार के लिए किसी प्रकार का बोर्ड या बैनर नहीं लगाया गया था। इसके अलावा, पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। जगह-जगह गंदगी नजर आई, रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और सर्दियों में ठहरने वाले लोगों के लिए गद्दे, रजाई, तकिए तथा अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था भी उचित रूप से नहीं की गई थी।

सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट शशिकांत गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान इन सभी कमियों को नोट किया और नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सुधार तुरंत किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि रैन बसेरे में ठहरने वाले लोगों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

यह निरीक्षण नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता पर एक गंभीर दृष्टि डालता है। न्यायिक हस्तक्षेप के बाद प्रशासन द्वारा जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि भुसावर रैन बसेरे में आने वाले लोगों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ठहरने की सुविधा मिल सके।

Updated On
Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story