बयाना के श्री कृष्णधाम वृद्धाश्रम में संपन्न हुआ कन्या विवाह
श्री मित्र भारत समाज संस्थान ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, आश्रम में रहने वाली मुस्कान का शुभम के साथ हुआ विवाह।

तस्वीर में श्री कृष्णधाम वृद्धाश्रम बयाना में विवाह के दौरान वर शुभम और वधू मुस्कान मंच पर बैठे हैं, साथ में परिवार के सदस्य उपस्थित हैं।
बयाना। सेवा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए मुर्रकी स्थित श्री कृष्णधाम वृद्धाश्रम ने एक बार फिर मानवता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। सोमवार, 29 जून 2026 को श्री मित्र भारत समाज संस्थान द्वारा संचालित इस आश्रम ने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपनी एक बेटी, मुस्कान, का शुभ विवाह अत्यंत गरिमापूर्ण और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया। यह आयोजन न केवल एक वैवाहिक बंधन का साक्षी बना, बल्कि इसने समाज को सेवा और परोपकार का एक सशक्त संदेश भी दिया।
विवाह समारोह का मुख्य आकर्षण मुस्कान और शुभम का परिणय सूत्र में बंधना रहा। मुस्कान पिछले कई वर्षों से अपनी माता श्रीमती सीमा देवी के साथ इसी आश्रम में निवासरत थी। उनके इस विशेष दिन को अविस्मरणीय बनाने के लिए आश्रम प्रबंधन ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए विवाह की संपूर्ण व्यवस्था का जिम्मा अपने कंधों पर लिया। शुभम, जो श्रीमती सुनीता एवं श्री मुरारीलाल के सुपुत्र हैं, के साथ मुस्कान के विवाह की सभी रस्में आश्रम परिसर में ही बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुईं। इस पावन अवसर पर आश्रम के पदाधिकारी, स्थानीय भक्तगण और बयाना के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने वर-वधू को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
श्री कृष्णधाम वृद्धाश्रम मूल रूप से उन बेसहारा बुजुर्गों का आश्रय स्थल है, जिन्हें विभिन्न परिस्थितियों में उनके परिजनों से दूर होना पड़ा। वर्तमान में यहाँ 100 से अधिक बुजुर्ग निवासरत हैं, जिन्हें रहने, भोजन और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं संस्थान द्वारा निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। आश्रम के राधे शर्मा और त्रिलोक उपाध्याय ने बताया कि संस्थान का लक्ष्य केवल बुजुर्गों की सेवा करना नहीं, बल्कि समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का कन्यादान कर सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करना भी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, कार्यवाही अध्यक्ष राधे लाल शर्मा, त्रिलोक उपाध्याय, प्रदीप सिंघल, हेमचंद जैन, राकेश गोयल, बासुदेव, दिनेश बारैठा और दिनेश दत्तात्रेय सहित कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे।
इस विवाह ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि समाज सेवा के नेक इरादे हों, तो संस्थाएं परिवार से भी बढ़कर दायित्व निभा सकती हैं। श्री कृष्णधाम वृद्धाश्रम द्वारा किया गया यह कार्य केवल एक विवाह नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की एक ऐसी यात्रा है जो समाज के अन्य वर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

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