कलयुगी बेटे ने मां को सरिया से पीटकर मौत के घाट उतारा, किशोर हिरासत में
राजस्थान के कामां थाना क्षेत्र के राधा नगरी में नाबालिग बेटे ने पैसों के विवाद के दौरान अपनी मां रुक्सीना पर सरिया से हमला कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना परिवार और समाज में बढ़ती हिंसा की चिंता बढ़ाती है।

कामां थाना क्षेत्र के गांव राधा नगरी में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जानकारी के अनुसार, नाबालिग बेटे ने पैसों के विवाद को लेकर अपनी मां रुक्सीना (40 वर्ष) पर सरिया से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना देर रात तब हुई जब राधा नगरी गांव में बारात का आयोजन चल रहा था और डीजे पर संगीत बज रहा था। घर पर मौजूद रुक्सीना का नाबालिग बेटा उनसे सात हजार रुपए मांगने लगा, ताकि वह डीजे पर खर्च कर सके। मां द्वारा पैसे देने से इंकार करने पर बेटे ने गुस्से में आकर सरिया उठाया और रुक्सीना पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे कामां उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के पति, शौराब मेव ने अपने बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है।
दूसरी ओर, मृतका की 10 वर्षीय बेटी ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके बड़े भाई ने मथुरा के एक होटल में मजदूरी कर सात हजार रुपए कमाए थे, जो उन्होंने मां के पास सुरक्षित रखे थे। रात को डीजे पर पैसे खर्च करने की जिद को लेकर हुई बहस ही इस दर्दनाक घटना का कारण बनी। घटना के समय पिता हरियाणा के उटावड़ में मजदूरी कर रहे थे।
यह घटना समाज में बढ़ती पारिवारिक हिंसा और नाबालिगों द्वारा अपराध के मामलों की गंभीर चेतावनी देती है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और नाबालिग की मानसिक स्थिति सहित घटनाक्रम के हर पहलू की पड़ताल कर रही है।

Rambabu Dixit
रामबाबू दीक्षित, हमारे समाचार टीम के वरिष्ठ संवाददाता हैं। समाचार रिपोर्टिंग में उनके पास वर्षों का अनुभव है और वे हमेशा सटीक, निष्पक्ष और तथ्यपूर्ण खबरें प्रस्तुत करने के लिए समर्पित रहते हैं। उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर गहन कवरेज किया है और अपने लेखन में पाठकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने का विश्वास रखते हैं। प्रात:काल में रामबाबू दीक्षित की रिपोर्टिंग पाठकों को घटनाओं की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद करती है।
