बयाना के सिकंदरा में भक्ति की बयार: श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
बयाना के सिकंदरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आस्था का महाकुंभ उमड़ा है। संत शीतल दास जी महाराज के सान्निध्य में भक्तों ने भक्ति का रसपान किया। जानें कैसे यह आयोजन लोगों के जीवन में ला रहा है सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक शांति।

बयाना के सिकंदरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मंच पर व्यासपीठ से कथा वाचक और संत शीतल दास जी महाराज के दर्शन करते श्रद्धालु।
बयाना के सिकंदरा गांव में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। उपखंड क्षेत्र के इस गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र के रूप में उभरकर सामने आई है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान कर रहे हैं। कथा स्थल पर दूर-दराज के क्षेत्रों से आ रहे भक्तों की भारी भीड़ से पूरा वातावरण भक्तिमय और गुंजायमान हो उठा है।
आयोजकों विजय कुमार और पवन कुमार सिकंदरा के अनुसार, इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं। कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत सरल एवं प्रेरणादायक शैली में वर्णन किया जा रहा है, जिससे भक्तगण सनातन धर्म, संस्कृति और मानव जीवन के आदर्शों को गहराई से आत्मसात कर रहे हैं। भजन-कीर्तन और भगवान के जयघोषों के बीच श्रद्धालु पूर्णतः भाव-विभोर नजर आते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल निर्मित हो गया है।
इस पावन आयोजन में संत शिरोमणि श्री 1008 श्री शीतल दास जी महाराज का सान्निध्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। महाराज श्री के आगमन पर उपस्थित भक्तों ने उनका भव्य स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने प्रेरक प्रवचनों के माध्यम से महाराज श्री ने स्पष्ट किया कि श्रीमद्भागवत कथा मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, सेवा, प्रेम, करुणा और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करने का माध्यम है। उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ भागवत कथा का श्रवण करने से न केवल जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है, बल्कि साधक को परम आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है।
आयोजन समिति द्वारा कथा स्थल पर भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और प्रसाद वितरण के सुदृढ़ प्रबंध किए गए हैं। महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की सहभागिता इस कार्यक्रम की भव्यता को प्रदर्शित कर रही है। समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से इस आध्यात्मिक यज्ञ में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। सिकंदरा में चल रहा यह आयोजन क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा की एक नई लहर का संचार कर रहा है, जो समाज में सौहार्द और संस्कारित जीवन की प्रेरणा प्रदान कर रहा है।

Devisingh Prajapat, Bharatpur
नाम: देवीसिंह प्रजापत
कार्यक्षेत्र: बयाना उपखंड / उप जिला बयाना (राजस्थान)
अनुभव: 15 वर्ष
बीट (मुख्य विषय): सर्वपक्षीय समाचार (सभी तरह की खबरें और ग्राउंड रिपोर्टिंग)
परिचय
देवीसिंह प्रजापत राजस्थान के बयाना उपखंड क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी, निष्पक्ष और सक्रिय पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से उप जिला बयाना और संपूर्ण बयाना उपखंड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रखते हैं। स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं, विकास कार्यों से लेकर क्षेत्र की हर प्रमुख हलचल और सभी तरह की खबरों को प्रमुखता व प्रामाणिकता के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का व्यापक अनुभव (Work Experience)
देवीसिंह प्रजापत जी को मीडिया जगत का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है। वह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। इस डेढ़ दशक के सफर में उन्होंने मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) पर काम किया है, जिससे उन्हें ग्राउंड रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है।
शैक्षणिक योग्यता
देवीसिंह प्रजापत जी शैक्षणिक रूप से बेहद सुदृढ़ हैं। उन्होंने विज्ञान स्नातक (B.Sc.) के साथ-साथ बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह तकनीकी और तार्किक पृष्ठभूमि उन्हें खबरों के विश्लेषण, तथ्यों की जांच और समसामयिक मुद्दों को एक वैज्ञानिक व सटीक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
