डीग, 23 दिसंबर। डीग जिले के खोह क्षेत्र में बढ़ते अवैध खनन को लेकर साधु-संतों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। इस विरोध स्वरूप सोमवार से साधु-संतों ने खोह क्षेत्र में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन का नेतृत्व हरिबोल बाबा और भूरा बाबा कर रहे हैं।

धरना स्थल पर मौजूद साधु-संतों ने कहा कि खोह क्षेत्र के पहाड़ भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली रहे हैं और इनका धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व अत्यंत पवित्र है। बावजूद इसके खनन माफिया द्वारा लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध खनन किया जा रहा है। इससे न केवल आस्था को ठेस पहुँच रही है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है।

संतों ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ पहले भी कई बार आवाज उठाई गई। यहां तक कि पसोपा गांव के पशुपतिनाथ मंदिर के महंत विजय दास बाबा ने पहाड़ों की रक्षा के लिए आत्मबलिदान तक दिया। इसके बावजूद प्रशासन इस संकट को रोकने में नाकाम रहा है।

धरने में उपस्थित साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सरकार और प्रशासन अवैध खनन को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु इस धरने में शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

यह धरना न केवल स्थानीय आस्था और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की मांग है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी गंभीर चेतावनी के रूप में उभर रहा है। प्रशासन की कार्रवाई पर अब पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।

Pratahkal Bureau

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