बयाना रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ व्यापक जागरूकता बैठक आयोजित कर रेलवे सुरक्षा, यात्री जागरूकता और रेलवे नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश दिया। बैठक में रेलवे स्टेशन और ट्रैक पर बढ़ती दुर्घटनाओं, ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं, सोशल मीडिया रील बनाने की प्रवृत्ति और अनावश्यक चैन पुलिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

आरपीएफ अधिकारियों ने आमजन से संवाद करते हुए स्पष्ट कहा कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना बेहद गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं यात्रियों की जान के लिए सीधा खतरा बनती हैं और इसका शिकार कोई भी व्यक्ति, किसी का अपना परिजन हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले इस अपराध में दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

बैठक में युवाओं को विशेष रूप से रेलवे ट्रैक और ट्रेनों के आसपास रील एवं वीडियो बनाने से बचने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में जान जोखिम में डालना खतरनाक साबित हो सकता है और इस तरह की लापरवाही से कई हादसे हो चुके हैं।

आरपीएफ ने बिना उचित कारण ट्रेन की चैन पुलिंग नहीं करने की अपील भी की। अधिकारियों ने बताया कि अनावश्यक चैन पुलिंग कानूनन अपराध है, जिसके लिए जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चैन पुलिंग केवल आग लगने, मेडिकल इमरजेंसी या किसी यात्री के ट्रेन से गिरने जैसी आपात स्थिति में ही की जानी चाहिए।

बैठक में रेलवे लाइन पार करने के दौरान फुटओवर ब्रिज का उपयोग नहीं करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित रास्तों और रेलवे ओवरब्रिज का उपयोग नहीं करने से हादसों की संख्या बढ़ रही है। लोगों से रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने और स्टेशन परिसर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की गई।

इस दौरान नगरपालिका पार्षद डॉ. शैलेन्द्र कुमार, कमल आर्य, सरपंच प्रतिनिधि दीवान शेरगढ़, हरगोविंद चौधरी, आईपीएफ मान सिंह सवाई माधोपुर, एसआईपीएफ वीरेंद्र यादव भरतपुर, एसआईपीएफ धर्मेंद्र सिंह हिंडौन, एसआईपीएफ तुलसीराम मीणा बयाना, एएसआई देवेंद्र सिंह, मेजर अमर सिंह सहित समस्त आरपीएफ स्टाफ, रेलवे कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष यात्री उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से आरपीएफ ने स्पष्ट संदेश दिया कि रेलवे सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है और जागरूकता ही हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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Pratahkal HQ

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