भुसावर में पूर्व सांसद पं. रामकिशन का तीखा बयान: बढ़ती समस्याओं, दल-बदल और भ्रष्टाचार पर जताई चिंता, भाजपा को बताया “वाशिंग मशीन”
भुसावर में पूर्व सांसद पं. रामकिशन ने दल-बदल, भ्रष्टाचार और बढ़ती सामाजिक समस्याओं पर तीखा बयान दिया। हलैना और मूड़िया जाट में हुए स्वागत कार्यक्रमों में ERCP, जल और रोजगार पर भी अहम चर्चा हुई, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हुई।

कस्बा हलैना और ग्राम मूड़िया जाट में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं के साथ बैठे पूर्व सांसद पं. रामकिशन और किसान नेता इन्दल सिंह जाट।
समाजवादी शताब्दी पुरुष और पूर्व सांसद पं. रामकिशन ने देश में बढ़ती गरीबी, गैरबराबरी, अत्याचार, अनाचार और भ्रष्टाचार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक अर्थ इन सामाजिक बुराइयों का अंत होना था, लेकिन इसके विपरीत ये समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। वे बुधवार को कस्बा हलैना की कृषि उपज मंडी और ग्राम मूड़िया जाट में आयोजित स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रमों में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रमों में जगह-जगह भव्य स्वागत के बीच पं. रामकिशन ने कहा कि देश में राजनीतिक दल-बदल की प्रवृत्ति लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और इससे राजनीतिक भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दल-बदल की राजनीति की शुरुआत ऐतिहासिक रूप से भी देखी जा सकती है, और आज स्थिति यह है कि लोकसभा एवं राज्यसभा में बहुमत के लिए जनमत के बजाय दल-बदल का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को पहले भ्रष्टाचारी कहा जाता है, उन्हें ही दल-बदल कर सरकार में मंत्री बनाया जा रहा है, जिससे राजनीति की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। उन्होंने भाजपा को “भ्रष्टाचारियों की वाशिंग मशीन” बताते हुए कहा कि सत्ता प्राप्ति के लिए विपक्ष को कमजोर करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक संतुलन के लिए उचित नहीं है।
इसी क्रम में उन्होंने कहा कि इआरसीपी योजना अब आकार ले चुकी है और उस पर तेजी से कार्य जारी है, जिससे भरतपुर जिले को निश्चित रूप से जल उपलब्ध होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका संघर्ष रोजगार, यमुना जल तथा बाणगंगा एवं गम्भीर नदी में जल उपलब्ध कराने के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
स्वागत कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित लोगों ने पं. रामकिशन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर तथा संघर्षशील किसान नेता इन्दल सिंह जाट का भी सम्मान किया। इस दौरान 101 वर्षीय पूर्व सांसद से मिलने और बातचीत करने को लेकर लोगों में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। ग्रामीणों ने उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और संघर्ष की सराहना की।
किसान नेता इन्दल सिंह जाट ने अपने संबोधन में कहा कि चुनावों में जाति नहीं बल्कि काम करने योग्य व्यक्ति का चयन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव भले ही कोई भी जीत ले, लेकिन हर जनप्रतिनिधि काम नहीं करा पाता। उन्होंने यह भी कहा कि पानी और रोजगार के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रमों में प्रधान प्रतिनिधि तोता राम गुर्जर, पूर्व सरपंच केशव देव शर्मा, पूर्व सरपंच नारायण सिंह सैनी, रामकुमार शर्मा, रूप सिंह, हरिसिंह जाटव, रविन्द्र जाटब (मूड़िया जाट), गोपाल सिंह मीणा, प्रेमचन्द्र मीणा, रामेश्वर जहानपुर, गिरधर सिंह, नरसी भूतौली, मोहन तिवाड़ी, पूर्व सरपंच ललतेश मीणा, रजनीकांत, सजनी सिंह, हीरा सिंह बाई, ओमप्रकाश मेम्बर, डायरेक्टर तोता राम सैनी (मुखैना), उदय सिंह, कमर चन्द मीणा, पूरन सिंह नेता (नैवाड़ा) और मुकेश पंडित सहित कई लोगों ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस पूरे आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर नई चर्चा को जन्म दिया, जहां एक ओर अनुभवी नेतृत्व के विचार सामने आए, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण स्तर पर विकास और संसाधनों की मांग भी मजबूती से उभरकर सामने आई।

Pratahkal Bureau
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